
Seven Positives Now in Lotni
सतना. जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब मझगवां के लोटनी गांव में सोमवार को आधा दर्जन से अधिक फेल्सीफेरियम पीडि़त सामने आए हैं। पीडि़तों की हर दिन बढ़ रही संख्या ने मलेरिया महकमे के दवा छिड़काव और नियंत्रण के दावों की हकीकत को एक बार फिर उजागर कर दिया। मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
मच्छरों पर नियंत्रण नाकाफी
इसके कारण मलेरिया के केसों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास न तो मलेरिया के मच्छर को खाने वाली गंबूसिया मछली है और न ही स्प्रे के लिए दवाई। प्रबंध के नाम पर तो विभाग के पास केवल क्लोरोकिन की दवाई व जांच का प्रबंध है। लेकिन मच्छरों पर नियंत्रण के लिए सुविधाएं नाकाफी हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों के बाद भी महकमे द्वारा गांवों में बीमारी नियंत्रण के उपाय नहीं किए जा रहे।
इन क्षेत्र में ज्यादा मरीज
मझगवां के बांका, वीरपुर, लोटनी, कारीगोही सहित आधा दर्जन गांवों में फेल्सीफेरियम का प्रकोप है। इन गांवों में १५ दिनों में आधा सैकड़ा से अधिक मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। सोमवार को लोटनी गांव में सुभद्रा , चंद्र कांत पिता कृष्णपाल सिंह, पप्पी पति राजपाल ३०, प्रदीप सिंह पित फूल सिंह ३, विमला पति केदार सिंह ३१ सरोज सिंह पति धर्मराज सिंह, सुभाष पिता कृष्णपाल सिंह ७ माह को फेल्सीफेरियम की पुष्टि हुई।
201 मरीज चिह्नित
जिलेभर से 209 मरीज चिह्नित किए गए हैं। ये मरीज जनवरी माह से 15 सितंबर तक के हैं। जिले में 35 मरीज फेल्सी फेरियम के पाए जा चुके हैं। निजी अस्पताल में उपचार के लिए जो पहुंचते हैं इनमें शामिल नहीं हैं। मझगवां क्षेत्र में पीडि़तों की संख्या तेजी से बढऩे की मुख्य वजह इंडोर रेसिड्यूल स्प्रे न होना है। फेसीफेरियम बचाव के लिए महकमा एमआइ, लैब टेक्नीशियन, एएनएम, आशा व एमपीडब्ल्यू के मॉस सर्वे तक ही सीमित है।

Published on:
02 Oct 2018 06:39 pm
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