
shree ramanuj vaishnaw samaj
सतना. श्री रामानुज वैष्णव संकीर्तन मंडल द्वारा श्री गोदाम्बा रंगनाथ स्वामी की बारात धूमधाम के साथ निकाली गई। बारात में रामानुज वैष्णव मंडल के अनुयायियों के साथ आम जन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बारात में नाच-गाकर भगवान मां गोदाम्बा रंगनाथ स्वामी के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की। मां गोदाम्बा रंगनाथ स्वामी की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं रामानुज स्वामी की झांकियों ने भी जनता का मन मोहा। अखिल कोटी ब्रह्मांड नायक रामानुजाचार्य व रामानुज स्वामी और गोदाम्बा रंगनाथ की सजीव झांकी के रूप में रिया तिवारी राखी यादव हर्षिता गुप्ता राधिका साहू ने भी सभी का मन मोह लिया।
भ्रमण को निकली बारात
श्री गोदाम्बा रंगनाथ स्वामी की बारात से भ्रमण के लिए निकाली गई। यह बारात मंदिर के प्रांगण में चारो ओर जय कारे मंगलाचरण मंगल गीत के साथ गुंजायमान हुआ। वेंकटेश मंदिर में बद्री प्रसाद गुप्ताए सुदर्शन गुप्ता, पंडित द्वारिका प्रसाद गौतम, महेंद्र तिवारी ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ विवाह उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया।
लोगों ने सुंदर भजनों का आनन्द लिया
मंडल के मंत्री श्यामलाल गुप्ता ने बताया कि बारात जिस जगह से निकल रही थी। वहां लोग रुककर भजनों का आनंद ले रहे थे। झांकी व भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति मन को मुग्ध करने वाली थी। शोभायात्रा में मां गोदाम्बा जी को अति सुन्दर आभूषणों से सजाया गया और वहीं भगवान रंगनाथ को पीताम्बर लताओं से सजाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार स्वामी सत्य नारायण आचार्य कमला कांताचार्य द्वारिका गौतम, जगदीश ़ित्रपाठी द्वारा किया गया। भक्तों ने पुष्पवर्षा करते हुए भगवान की सुन्दर झांकी अपने हृदय में संजोया। बारात में बैंड, ताशा, ढ़ोल, नगाड़े, डीजे की धुन पर पूरे मार्ग में गरबा रास, डांडिया और चल समारोह में भजनों की बच्चों के द्वारा मन को मोह लेने वाली प्रस्तुतियों को सभी भक्तों ने सराहा। बारात का वेंकटेश मंदिर में अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
पकवानों का लगता है भोग
वैष्णव परिवार के सभी घरों में भगवान श्री को पाने के लिए कठोर ठंड में सुबह तीन बजे उठकर भगवान की सेवा पूजा की जाती है। इसमें नित्य नये-नये पकवान का भोग लगता है। बारात में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बारात में शामिल महिलाएं अति सुन्दर कपड़े और मेंहदी आभूषणों से सजती हैं और भगवान की उपासना करती हैं। व्यवस्थापक बद्रीप्रसाद गुप्ता ने मां गोदाम्बा के विषय में बताते हुए कहा कि पृथ्वी की गोद से पैदा होने के कारण इनका नाम गोदा रखा गया। भगवान की उपासना करने के बाद जब भगवान विष्णु ने दर्शन दिए तो इनका नाम गोदाम्बा रखा गया।
Published on:
14 Jan 2020 12:25 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
