
sidhi: representatives of the city government mobilized against the CM
सीधी। कांग्रेस की नगर सरकार सीएमओ के विरूद्ध लामबंद हो गई है। परिषद की अवहेलना करने व पीआईसी की बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन न करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि सीएमओ नगर पालिका सीधी मधुसूदन श्रीवास्तव अपनी आदतों से बाज नहीं आते और इसी तरह चुनी हुई परिषद की अवहेलना करते रहेंगे तो कांग्रेस पार्टी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नगरपालिका कार्यालय के सामने धरना देने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जवाबदारी प्रशासन की होगी।
नगर पालिका परिषद के जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिलकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी मधुसूदन श्रीवास्तव द्वारा जनहित के कार्यों में रुकावट डालने, पीआईसी के प्रस्तावों की मंजूरी न करने, उनको लिखित में संज्ञान में न लेने एवं विकास के कार्यों में रुकावट बनने, चुनी हुई परिषद की अवहेलना करने के संबंध में ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल-
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में पूर्व अध्यक्ष आनंद सिंह, रूद्र प्रताप सिंह बाबा, पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह भदौरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एड.विनोद वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा, नपा उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह, पार्षदगण विनोद मिश्रा, कुमुदिनी सिंह, कंचन मनोज सिंह, रमेश साकेत, मेनका प्रभात सिंह, ओंकार सिंह कर्चुली, रजनीश श्रीवास्तव, सोनम सोनी, सीमा सिंह, विभा सिंह, रत्नेश सोनी आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में बिंदुवार ये हैं आरोप-
*सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव द्वारा परिषद एवं पीआईसी का प्रस्ताव नहीं लिखा जाता।
*लंबे समय तक पीआईसी व परिषद के प्रस्ताव न लिखे जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है।
*सीएमओ द्वारा आकस्मिक एवं महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पत्राचार किए जाने पर न तो निरीक्षण किया जाता है न ही कार्रवाई की जाती।
*अनुसूचित जाति जनजाति के बस्तियों के जीर्ण शीर्ण शौचालय के मरम्मत हेतु बार-बार पत्राचार किए जाने पर कार्रवाई नहीं की गई।
*तकनीकी अधिकारी को परिषद में स्वीकृत कार्यों के लिए कोई निर्देश नहीं दिया जाता।
*शहर में नल जल योजना व पार्क के रखरखाव हेतु एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की कमी होने पर पीआईसी से पारित प्रस्ताव की अनदेखी की जा रही है।
*सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव माह में 10 दिवस बिना बताए अनुपस्थित रहते हैं।
*शहर की स्वच्छता का कार्य सुचारू रूप से नहीं कराया जा रहा है।
*सीएमओ द्वारा शहर की सफाई कार्य का निरीक्षण नहीं किया जाता।
*कचरा उठाव, विद्युत, पेयजल हेतु पीआईसी व परिषद से टैंकर व वाहन क्रय के पारित प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
*नगरपालिका के वाहनों का मरम्मत कार्य नहीं कराया जाता, जिन वाहनों की मरम्मत कराई गई उनका भुगतान नहीं किया जा रहा।
*सीएमओ द्वारा लंबे समय तक फ ाइलों को अपने पास रखा जाता है, फिर पूर्व की तिथि पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
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स्वार्थ सिद्ध नहीं हो रहा इसलिए किया जा रहा विरोध-
नगर पालिका में पिछले एक साल से काम बंद पड़े हुए हैं। मुझे तो आए अभी चार महीने ही हुआ है। विरोध इसलिए हो रहा है कि उनकी स्वार्थ सिद्धि नहीं हो रही है। वो गलत काम कराना चाहते हैं, जो मैं कर नहीं रहा, और न ही करूंगा। अगर मेरी कार्य प्रणाली उन्हें पसंद नहीं है तो मेरा ट्रांसफार करवा दें।
मधुसूदन श्रीवास्तव, सीएमओ नगर पालिका सीधी
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Published on:
01 May 2023 09:49 pm
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