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सतना

sidhi: सड़ांध से परेशान रहवासियों का फूटा गुस्सा, कचरा वाहनों को रोका

मड़रिया बस्ती में फेंका जा रहा शहर का डोर टू डोर एकत्रित कचरा-सड़ांध व मच्छर-मक्खियों से परेशान रहवासियों ने मार्ग में पत्थर रखकर रोके वाहन-जमकर किया गया विरोध प्रदर्शन

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सीधी। शहर के मड़रिया बस्ती में फेंके जाने वाले शहर के डोर टू डोर एकत्रित होने वाले कचरे को लेकर मंगलवार को बस्ती वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। बस्ती वासियों ने सुबह मार्ग में पत्थर रखकर कचरा वाहनों का प्रवेश रोक दिया, और विरोध प्रदर्शन करने लगीं। उनका आरोप है की पूरे शहर का कचरा हमारी बस्ती में फेंका जा रहा है, यहां मच्छर, मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, सड़ांध से जहां एक ओर रहना मुश्किल हो रहा है वहीं मक्खियों का प्रकोप इतना बढ़ गया है की खाने व पीने की सामग्री दूषित हो रही है, जिससे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बस्ती की लामबंद महिलाओं ने कहा की हम यहां शहर का कचरा नहीं फेंकने देंगे।
बताते चलें की नगर पालिका परिषद सीधी के पास आज तक कचरा विनष्टीकरण की व्यवस्था नहीं है, इसके साथ ही ऐसा कोई स्थान भी निर्धारित नहीं हो पाया है, जहां शहर से एकत्रित होने वाला कचरा डंप किया जा सके। करीब पांच वर्ष पहले जिला प्रशाासन द्वारा जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर बरमानी गांव में कचरा फेंकने के लिए स्थान निर्धारित किया गया था, जो तीन वर्ष में ही पट गया। इसके बाद से नपा का अमला कचरा फें कने के लिए भटक रहा है। विगत माह से शहर का एकत्रित कचरा मड़रिया बस्ती में एफएसएल प्लांट के पास डंप किया जाना शुरू कर दिया गया था, जहां भारी मात्रा में कचरा डंप होने के बाद सड़ांध व मच्छर मक्खियों का प्रकोप बढऩे से बस्ती वासियों द्वारा इसका विरोध शुरू कर दिया गया है।
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नहीं फेंकने दिया गया कचरा, दिन भर परेशान रहे नपाकर्मी-
मंगलवार को सुबह से ही मड़रिया बस्ती की महिलाएं लामबंद हो गई और सडक़ पर पत्थर रखने के बाद स्वयं बैठकर कचरा वाहनों को रोक दिया। नपाकर्मी पहुंचकर समझाइस देने का प्रयास किया लेकिन महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनी, जिससे बिना कचरा फेंके ही वाहन लौट गए। शहर के एकत्रित कचरे को फेंकने के लिए नपाकर्मी दिन परेशान रहे। बाद में नपा उपाध्यक्ष से अनुमति लेकर ग्राम पडख़ुरी स्थित उनके खाली पड़े खाईनुमा प्लाट में कचरा फेंका गया।
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वर्षों से बनी है भटकाव की स्थिति-
नगर पालिका परिषद सीधी के पास आज तक डोर टू डोर एकत्रित होने वाले कचरे के विनष्टीकरण की व्यवस्था नहीं है। शहर व घरों से एकत्रित होने वाले कचरे को फेंकने के लिए नपा के पास वर्षों से भटकाव की स्थिति बनी रहती है। जहां भी कचरा फेंकना शुरू किया जाता है, वहीं के लोग इसका विरोध शुरू कर देते हैं, कई बार तो विवाद इतना बढ़ा की वाहन चालकों के साथ मारपीट भी हो चुकी है।
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बस्ती वासियों ने सुनाया दर्द-
………पूरे शहर का कचरा हमारी बस्ती में फेंका जाता है, यहां इतनी सड़ांध है की रहना मुश्किल हो रहा है।
पार्वती साकेत, स्थानीय रहवासी
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……..डंप कचरे के कारण हमारे घरों मे मच्छर व मक्खियों का डेरा पड़ गया है, खाने पीने की सामग्री दूषित हो रही है।
लीलावती साकेत, स्थानीय रहवासी
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……..कचरे की वजह से मक्खियों का प्रकोप इतना ज्यादा है की बीमारियां फैल रही हैं, घर के बच्चे बीमार हो रहे हैं।
कौशिल्या साकेत, स्थानीय रहवासी
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………जब से यहां कचरा फेंका जाना शुरू किया गया है, तब से बस्ती के लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं, हम यहां कचरा नहीं फेंकने देंगे।
शिववती साकेत, स्थानीय रहवासी
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……….बस्ती बीच डंप कचरे की वजह से बीमारियां फैल रही हैं। घरों में इतनी ज्यादा मक्खियां हो गई हैं की खाना पीना दूषित हो रहा है।
वंशरूप साकेत, स्थानीय निवासी
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………बस्ती के बीच में पूरे शहर का कचरा डंप करने का कोई औचित्य ही नहीं है, इससे बीमारी फैल रही है। यहां किसी सूरत में कचरा नहीं फेंकने देंगे।
रवी साकेत, स्थानीय रहवासी
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बनाई जाएगी उचित व्यवस्था-
मैं अभी बाहर हूं, समस्या मेेरे संज्ञान में आई है, पहुंचकर मौके का मुआयना किया जाएगा और उचित व्यवस्था बनाई जाएगी। आवश्यकता पड़ी तो जिला प्रशासन का सहयोग लेकर समस्या का निराकरण किया जाएगा।
मधुसूदन श्रीवास्तव, सीएमओ नगर पालिका सीधी
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