सीधी। देश भर में सुर्खियों में बना सीधी का यूरिनकांड थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में गुरूवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के गांधी चौक पार्किंग स्थल में सभा के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार व स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। सभा के बाद कांग्रेसी रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट तिराहा पहुंचे जहां डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सरकार को सद्वुद्धि देने की कामना की। ज्ञापन लेने के लिए गोपद बनास एसडीएम पहुंचे, किंतु कांग्रेस नेताओं द्वारा ज्ञापन देने से इंकार कर दिया गया। मामले के आरोपी के विरुद्ध की गई कार्रवाई से एसडीएम नीलेश शर्मा द्वारा अवगत कराया गया। इस प्रदर्शन को प्रमुख रूप से पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल व युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया सहित अन्य नेताओं द्वारा भाजपा पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया।
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आदिवासी समाज बिकाऊ नहीं टिकाऊ हैं: विक्रांत
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.विक्रांत भूरिया ने कहा, सीधी में घटित घटना एक आदिवासी युवक के अपमान की घटना नहीं है, यह पूरे आदिवासी समाज को अपमानित करने वाली घटना है। आदिवासी समाज अपने अपमान का बदला आने वाले चुनावों में अपनी वोट की ताकत से लेगा। भाजपा ने पूरे आदिवासी समाज का अपमान किया है, भाजपा का चाल चरित्र चेहरा उजागर हो गया है। अपने आप को आदिवासियों के हितैषी बताने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अब चाहे लाख नौटंकी करें, लेकिन उनकी नौटंकी भी उन्हें अब बचा नहीं सकती, पूरा प्रदेश इस घटना से आहत है। खासकर आदिवासी समाज। भूरिया ने कहा कि आज शिवराज सिंह अपने को आदिवासी हितैषी बताते हैं तो उन्हें तत्काल सीधी विधायक का इस्तीफा ले लेना चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उनके मन में आदिवासी समाज के लिए कोई भी अच्छी भावना नहीं है। अध्यक्ष ने कहा कि हमारा आदिवासी समाज बिकाऊ नहीं बल्कि टिकाऊ है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी विरोधी, करते हैं दिखावे की राजनीति: अजय
भाजपा द्वारा आदिवासी समाज को अपमानित करने की घटना के विरोध में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि घटना जिले के साथ पूरे प्रदेश को शर्मसार करने वाली है। भाजपा और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कभी भी आदिवासियों के हितैषी नहीं रहे हैं, भाजपा के राज में सबसे ज्यादा अत्याचार आदिवासी समाज के ऊपर हुआ है, आदिवासी समाज पर अत्याचार के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर है लेकिन नौटंकीबाज मुख्यमंत्री अपने को आदिवासियों का हितैषी दिखाने की पुरजोर कोशिश करते हैं, लेकिन आदिवासी समाज अब उनकी नौटंकी को समझने लगा। कहा, सीधी जिले में आदिवासी युवक के ऊपर भाजपा के कार्यकर्ता द्वारा जिस प्रकार से अत्याचार किया गया वह बेहद निंदनीय है, लेकिन भाजपा के नेताओं ने पूरी घटना पर लीपापोती करने की पूरी कोशिश की जिसमें वह कांग्रेस की वजह से नाकाम रहे। जब शिवराज सिंह को लगा कि वह लीपापोती करने में नाकाम हो गए हैं तब उन्होंने पीडि़त युवक को भोपाल बुलाकर नाटक नौटंकी चालू कर दी, लेकिन अब उनकी नाटक नौटंकी चलने वाली नहीं, प्रदेश की जनता शिवराज सिंह अच्छी तरीके से समझती है, वह कितने बड़े नौटंकीबाज हैं, भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। प्रदेश में परिवर्तन की लहर चल रही है।
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आदिवासी पर अत्याचार से मानव जाति शर्मसार हुई: कमलेश्वर
पूर्व मंत्री एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा, जिले में भाजपा नेता की करतूतो से समूची मानव जाति शर्मसार हुई है। भाजपा का चालए चरित्र एवं चेहरा जनता जान चुकी है। बताया, कल मेरे द्वारा पीडि़त आदिवासी के घर जाकर उसके परिजनों से मुलाकात करने पर ज्ञात हुआ की पीडि़त व्यक्ति दशमत कोल पिछले 48 घंटों से पुलिस की कस्टडी में है। इस पर तत्काल पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा कर फ रियादी को तुरंत घर भेजने को कहा, किंतु जिला प्रशासन के अधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कहकर भोपाल ले जाया गया। भोपाल में मुख्यमंत्री ने हमेशा की तरह इस गरीब व्यक्ति के साथ भी इवेंट किया। विधायक ने मुख्यमंत्री की इस दिखावटी संवेदनशीलता को आड़े हाथों लेते लेकर पीडि़त की पत्नी आशा कोल का सम्मान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जब इनसे फ ोन पर बात कि तो आशा कोल ने उन्हें दो टूक कहा कि हमें रुपए पैसे नही चाहिए, लालच नहीं है। आप हमारे पति को हमारे घर भेज दीजिए।
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सीधी विधायक को आदिवासी महिलाओं की नाराजगी का करना पड़ा सामना-
बुधवार को कांग्रेस विधायक पीडि़त के घर जाकर धरने पर बैठ गए तो सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल भी पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक नौटंकी का क्रम चलता रहा। इस दौरान कुछ नाराज आदिवासी महिलाओं द्वारा हाथ में चप्पल लेकर कार्यक्रम स्थल पर जमे विधायक सहित भाजपा नेताओं को वहां से वापस जाने को लेकर नारेबाजी करने लगे, तब जाकर भाजपा नेता पीडि़त आदिवासी के घर से वापस लौट आए, विधायक के जाने के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह व विधायक कमलेश्वर पटेल भी धरना समाप्त कर वापस अपने घर लौट गए।
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शिवसेना ने भी किया विरोध प्रदर्शन-
इधर कांगेस के अलावा गुरुवार को शिवसेना जिलाध्यक्ष विवेक पांडेय के नेतृत्व में वीथिका भवन के पास विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
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कांग्रेस सोची-समझी गंदी राजनीति का प्रोपोगंडा कर रही है-
भाजपा की सरकार में कभी अपराधियों को संरक्षण नहीं मिला, इस मामले में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाकर सिद्ध कर दिया कि मप्र में अपराधियों को पनपनें नहीं देंगे। जिस तरह मुख्यमंत्री ने पीडि़त आदिवासी का पैर धोकर अपने माथें मे टीका लगाए, वह भाजपा सरकार का आदिवासी प्रेम ही है। मेरे सामने महिलाओं द्वारा चप्पल लहराने व नारेवाजी का कोई मामला सामने नहीं आया है। कांग्रेस सोची-समझी गंदी राजनीति का प्रोपोगंडा कर रही है।
देवकुमार सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा सीधी
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