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sidhi: ये कैसी विशिष्ट विद्यालय, शून्य प्रतिशत रहा कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम

विशिष्ट आवासीय विद्यालयों में बेहतर शिक्षा के नाम पर छलावा-कक्षा 10वीं में 32 में से महज 10 छात्राएं हुई उत्तीर्ण-उत्कृष्ट शिक्षा के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा खपाया जा रहा करोड़ों का बजट-जिम्मेदारों की लापरवाही से शैक्षणिक व्यवस्था ठप-परीक्षा परिणाम ने विशिष्ट विद्यालय के शैक्षणिक व्यवस्था की खोली पोल

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sidhi: What a special school, zero percent result of class 12th

sidhi: What a special school, zero percent result of class 12th

सीधी। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से जिले में संचालित विशिष्ट विद्यालयों मेें बेहतर शिक्षा के नाम पर छलावा चल रहा है। सीबीएसई बोर्ड के तहत जिले में संचालित तीन विशिष्ट विद्यालयों में एक विद्यालय का परीक्षा परिणाम तो कुछ ठीक रहा, जबकि दो विद्यालयों के परीक्षा परिणाम ने बेहतर शिक्षा के दावों की पोल खोल दी है। आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सीधी का तो आलम यह रहा है कि कक्षा 12वीं के विज्ञान समूह में एक भी छात्राएं उत्तीर्ण नहीं हो पाई। जबकि कला समूह में महज दो छात्राएं ही उत्तीर्ण हो पाईं। इस स्कूल का कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम भी बेहद चिंताजनक रहा। कक्षा 10वीं में दर्ज 32 छात्राओं में महज 10 छात्राएं ही उत्तीर्ण हुई हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो कक्षा 6वीं से 12 तक अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के बेहतर शिक्षा के लिए उक्त विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जहां बेहतर शिक्षा के नाम पर करोड़ो का बजट खपाया जा रहा है। गत वर्ष ही जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम अमरवाह में करीब 22 करोड़ की लागत से विद्यालय का भवन बनकर तैयार हुआ है। यहां अपना घर, अपना विद्यालय मद से पिछले वित्तीय वर्ष में करीब दो करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं, लेकिन शैक्षणिक व्यवस्था कितनी बेहतर है, इसकी पोल परीक्षा परिणाम ने खोल दी है। सूत्र बताते हैं कि विद्यालय प्रबंधन का ध्यान बेहतर शिक्षा के बजाय प्राप्त बजट को खपाने में रहता है, जिसका असर शिक्षा पर पड़ रहा है।
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ये संचालित हैं विशिष्ट विद्यालय-
जिले में आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत चार विशिष्ट विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन इसमें अभी तक शासकीय कन्या शिक्षा परिसर कुसमी को सीबीएसई बोर्ड की मान्यता नहीं मिल पाई है। इसके अलावा शासकीय कन्या शिक्षा परिसर सीधी, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय टमसार तथा आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सर्रा चुरहट शामिल हैं। उक्त चारो विद्यालय आवासीय हैं और यहां बेहतर शिक्षा के साथ ही बेहतर व्यवस्था के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराया जाता है।
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आदर्श विद्यालय चुरहट का परीक्षा परिणाम भी चिंताजनक-
विशिष्ट विद्यालय में शुमार शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सर्रा चुरहट का भी परीक्षा परिणाम बेहद चिंताजनक रहा। यहां कक्षा 10वीं में कुल दर्ज छात्र संख्या 44 थी, सभी छात्र परीक्षा में शामिल हुए। लेकिन केवल 8 परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण हो पाए। 29 परीक्षार्थी पूरक तथा 7 अनुत्तीर्ण रहे। यहां हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम महज 18 प्रतिशत रहा। वहीं हायर सेकंडरी की बात करें तो कुल दर्ज 27 छात्रों में से 25 परीक्षा में शामिल हुए, इनमें से 5 परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण हो पाए। 13 परीक्षार्थी पूरक तथा 7 अनुत्तीर्ण रहे। इस प्रकार हायर सेकंडरी का परीक्षा परिणाम महज 20 प्रतिशत रहा, जो बेहद चिंताजनक है।
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एकलव्य विद्यालय ने बचाई नाक-
आदिवासी विकास विभाग के विशिष्ट विद्यालयों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय टमसार ने कुछ हद तक विशिष्ट विद्यालयों की नाक बचाने में कामयाब रही। यहां कक्षा 10वीं में दर्ज 58 छात्रों में सभी परीक्षा मेें सम्मिलित हुए, जिसमें 46 परीक्षार्थी उत्तीर्ण तथा 12 परीक्षार्थी पूरक रहे। हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम 79.31 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार कक्षा 12वीं में कुल 55 छात्र दर्ज थे, जिसमें सभी परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें 54 उत्तीर्ण तथा 1 परीक्षार्थी पूरक रहा। हायर सेकंडरी का परीक्षा परिणाम 98.18 प्रतिशत रहा।
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कन्या शिक्षा परिसर सीधी के परीक्षा परिणाम पर एक नजर-
कक्षा - परीक्षार्थी - उत्तीर्ण - पूरक - अनुत्तीर्ण - प्रतिशत
10वीं - 32 - 10 - 08 - 14 - 31.25
12वीं(विज्ञान) - 20 - 00 - 05 - 15 - 00.00
12वीं(कला) - 07 - 02 - 05 - 00 - 28.05
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.....विभाग के तहत संचालित सामान्य विद्यालयों का परीक्षा परिणाम तो काफी बेहतर रहा। विशिष्ट विद्यालयों में एकलव्य आदर्श विद्यालय टमसार को छोड़ दिया जाय तो कन्या शिक्षा परिसर सीधी एवं आदर्श विद्यालय चुरहट का परीक्षा परिणाम चिंताजनक रहा है। परीक्षा परिणाम की समीक्षा की जाएगी और आगामी सत्र में बेहतर शिक्षा के प्रयास किये जाएंगे।
राजेश सिंह परिहार, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग
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