
Sihawal MLA Kamleshwar Patel news in sidhi madhya pradesh
सीधी। बिजली व पानी की समस्या को लेकर रीवा संभाग के कमिश्नर ने जिला पंचायत सभागार में जनसुनवाई आयोजित की। जनसुनवाई में आम लोगों के साथ लाइन में लगकर सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल भी क्षेत्र की समस्याएं लेकर पहुंच गए। विद्युत तथा पीएचई विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अमिलिया जेई को हटाने की मांग की।
इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह मुन्नू ने नगर पालिका क्षेत्राअंतर्गत लगाए गए स्ट्रीट लाइन में मनमानी बिजली बिल वसूली का आरोप लगाया। कहा, अभी तक विद्युत विभाग द्वारा मीटर नहीं लगाए गए हैं बल्कि एवरेज बिल के नाम पर वसूली की जा रही है। कमिश्रर की जनसुनवाई में सीधी कलेक्टर दिलीप कुमार , जिपं सीईओ अवी कुमार, जिपं उपाध्यक्ष राजमणि साहू, कृषि स्थाई समिति सभापति मनोज भारती सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारी नहीं उठाते फोन
कमिश्रर के समक्ष सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा कि क्षेत्र में जाता हूं तो लोगों द्वारा समस्याएं सुनाई जाती हैं। जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों का कार्य जनता के हित के लिए करना हैं। लेकिन जब मैं खुद समस्या को दूर करने के लिए अधिकारियों के पास फोन लगाता हूं तो मेरा फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा जाता, मैं विधायक हूं तब मेरे साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, ऐसी स्थिति में आमजन की क्या सुनवाई होती होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विधायक ने कहा कि कुछ हद तक जिला स्तरीय अधिकारी एक मर्तवा फोन रिसीव कर लेते हैं लेकिन अमिलिया में बैठे विद्युत विभाग के जेई किसी भी कीमत में फोन उठाना उचित नहीं समझते हैं। जिससे जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अधिकारियों पर भड़के विधायक
सिहावल विधायक के आरोप के बाद कमिश्रर की जनसुनवाई में उपस्थित पीएचई व विद्युत विभाग के अधिकारी अपना पक्ष रखने लगे, जिस पर विधायक विफर गए, और उनकी एक-एक अनियमितता को गिनाने लगे, तब अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। इसके अलावा अन्य समस्याओं का पुलिंदा भी सीधी कलेक्टर दिलीप कुमार को सौंपा गया।
2 लाख की जगह भेजा 12 लाख बिल
नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह मुन्नू ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में अत्यधिक विद्युत खपत को रोकने के लिए एलइडी लाइट लगाई गई है। जिससे विद्युत खपत में 50 फीसदी से ज्यादा कमी आई है। फिर भी बिल जारी करने में विद्युत विभाग मनमानी पर उतारू है। खर्च होने वाले खपत को नापने के लिए मीटर नहीं लगाए गए हैं। जिसके कारण आंकलित विद्युत बिल भेजा जा रहा है। जहां एक माह की विद्युत बिल २ से ढाई लाख होनी चाहिए उसकी जगह १२ लाख से ज्यादा विद्युत बिल भेजा जा रहा है, जिसको चुकाने के लिए नगर पालिका मजबूर है।
वर्षों से टूटा है विद्युत पोल, अंधेरे में रह रहे हैं लोग
जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत नौढिया के लोग पहुंचकर कमिश्रर को आप बीती सुनाए। कमिश्रर को बताया कि नौढिया हरिजन मोहल्ला में कई वर्षों से विद्युत पोल आंधी व तूफान के कारण टूट गया है। जिस पर दोबारा पोल स्थापित करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों सहित जनसुनवाई में कई मर्तवा आवेदन दे चुके हैं। सांसद व विधायक से भी फरियाद कर चुके हैं, इसके बाद भी पोल नहीं लगाए गए। हम लोग दलित हैं इस कारण कोई सुनने वाला नहीं है। यदि अब पोल नहीं लगाए गए तो हम लोग मानवाधिकार जाकर फरियाद करेगें।
Published on:
25 May 2018 03:30 pm
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