
Smart City Ranking
सतना. देश में स्मार्ट सिटी की घोषित रैकिंग में सतना प्रदेश की सात स्मार्ट सिटी में फिसड्डी रहा है। मंगलवार को कार्य के आधार पर स्मार्ट सिटी की रैंक जारी की गई हैं। इसमें सतना देश के 98 शहरों में ६६वें स्थान पर है। वह प्रदेश के सात स्मार्ट शहरों में आखिरी पायदान पर है। आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ( मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स - एमओएचयूए) की ओर से जारी रैकिंग में सतना को कुल 5.46 अंक दिए गए हैं। जबकी बीते साल सतना के साथ स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल हुआ सागर 8.89 अंक लेकर 57वें स्थान पर है। शहर के स्मार्ट बनने की राह देख रही जतना के लिए निराश करने वाली बात यह है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्य में सतना प्रदेश में सबसे पीछे है। प्रदेश में राजधानी भोपाल स्मार्ट सिटी की रैकिंग में पहले तथा प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर को पीछे छोड़ते हुए ग्वालियर दूसरे स्थान काबिज हो गया है। उज्जैन 41.92 तीसरे स्थान और इंदौर का स्कोर 38.74 से चौथे स्थान पर है। स्मार्ट सिटी में चयनित देश के एक दर्जन शहर एेसे हैं जिनका स्कोर शून्य रहा है। यह पहला मौका है जब एमओएचयूए द्वारा स्मार्ट सिटी को लेकर रैंकिंग जारी की गई है। स्मार्ट शहरों की रैकिंग में नागपुर 259.96 अंक लेकर पहले स्थान पर है, जबकी गुजरात का वडोदरा शहर 195.31 अंक के साथ देश में दूसरे स्थान पर है।
प्रदेश में सतना की स्थिति सबसे कमजोर
स्मार्ट सिटी विकसित करने बनाए गए प्रोजेक्ट आर अब तक हुए कार्यो के आधार पर केन्द्र सरकार स्मार्ट सिटी की रैकिंग जारी की है। इसमें प्रदेश में सतना की स्थिति सबसे खराब है। सतना के स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद अभी तक केन्द्र सरकार से कोई राशि नहीं मिली। राशि न मिलने के कारण नगर निगम प्रशासन स्मार्ट सिटी के विकास का कार्य कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है। यहीं कारण है कि सतना रैकिंग में प्रदेश के सात शहरों में सबसे नीचे है।
तीसरे चरण में शामिल हुआ था सतना
केंद्र ने तीन वर्ष पूर्व 2015 में स्मार्ट सिटी योजना लॉन्च की थी। इसमें मप्र के सात शहर अलग-अलग चरणों में शामिल हुए। पहले चरण में भोपाल, इंदौर और जबलपुर शामिल हुआ। दूसरे चरण में उज्जैन और ग्वालियर शामिल हुए। तीसरे चरण की 23 जून 2017 को जारी सूची में सागर और सतना का चयन हुआ।
इसलिए पिछड़ा
अधिकारियों के अनुसार रैंकिंग का मुख्य आधार स्मार्ट सिटी में तय मापदंडों का पालन था। इसमें विस्तृत योजना बनाने, बोर्ड बैठकों का आयोजन, सही तरीके से टेंडरिंग, गतिशील प्रोजेक्ट्स की स्थिति आदि शामिल थे। पहले तीन चरणों में स्वीकृत स्मार्ट शहरों में प्रोजेक्ट्स की टैंडर प्रक्रिया हो चुकी है, जिसका फायदा इन शहररें को इस रैंकिंग में मिला है। सतना में अभी तक किसी भी कार्य का टैंडर या योजना के धन स्वीकृत नहीं हुआ।
तो और बढ़ सकती थी रैंक
स्मार्ट सिटी कंपनी विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की व्यवस्था में तय समय से करीब छह माह की देरी हुई। यदि यह कमी समय रहते दूर हो जाती तो रैंकिंग और अच्छी हो सकती थी।
स्मार्ट सिटी की एक साल में कछुआ चाल
- प्रदेश कै बिनेट की मंजूरी
- स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एसपीवी) कंपनी का गठन
- स्मार्ट सिटी का मप्र एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का गठन
- स्मार्ट सिटी स्थल का चयन
- स्मार्ट सिटी ऑफिस का निर्माण जारी
प्रदेश में कौन कहां
स्थान रैंक शहर अंक
1. 15 भोपाल 80.95
2. 28 ग्वालियर 42.53
3. 29 उज्जैन 41.92
4. 31 इंदौर 38.74
5. 34 जबलपुर 37.48
6. 57 सागर 8.89
7 66 सतना 5. 46
काम में तेजी लाएंगे
हम चौथे चरण में स्मार्ट सिटी में आए, अभी तक योजना में कोई फंड भी नहीं मिला। फिर भी हमारी रैंकिंग संतोषजनक है। इसकी डिटेल स्टडी करने पर समीक्षा करेंगे, काम में तेजी लाएंगे।
देवेंद्र सिंह, सीईओ, सतना स्मार्ट सिटी प्राइवेट लि. कंपनी
Published on:
20 Jun 2018 08:31 pm
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