
Soldier handing over to havildar in Maihar Kotwali
सतना. अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस खुद अनुशासनहीन होती जा रही है। अपने ही साथ काम करने वालों के साथ पुलिस हाथापाई पर उतारू है। कोतवाली मैहर में सोमवार की रात एेसा ही कुछ हुआ है। एक सिपाही थाने पहुंचा और हवलदार से उलझ गया। दोनों के बीच मारपीट हुई और फिर सिपाही जख्मी हाल सिविल अस्पताल पहुंच गया। पुलिस के आल अफसरों को जब इस बात की भनक लगी तो सिपाही पर कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया। मैहर कोतवाली में बदल रहे आरक्षकों के तेवर को यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके कुछ दिनों पहले ही एक दूसरे सिपाही दीपक सिंह परिहार ने इसी हवलदार को फोन करते हुए गाली गलौज कर टीआइ के बारे में अभद्रता की थी। तब भी मामला उजागर होन पर आरक्षक पर पुलिस कप्तान कार्रवाई कर चुके हैं।
यह है मामला
सूत्रों के अनुसार, आरक्षक कमलेश वर्मा कोतवाली मैहर पहुंचा था। जहां ड्यूटी में तैनात प्रधान आरक्षक मुकेश सुमन अपने काम में लगे थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। बताया जा रहा है कि लेनदेन के मामले में बात बिगड़ी थी। इस दौरान दोनों के बीच हाथापाई हुई जिसमें आरक्षक कमलेश चोटिल हो गया। टीआइ देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि कि आरक्षक नशे की हालत में आकर अभद्रता कर रहा था। ड्यूटी लगाने को लेकर उसने विवाद किया है। स्टॉफ के सामने खुद वर्दी फाड़ी और बाहर जाकर लोगों को गलत जानकारी दी।
टीआइ का प्रतिवेदन
रात करीब साढ़े 12 बजे हुई इस घटना की सूचना रात को ही टीआइ चौहान को दी गई। तब तक आरक्षक थाने से बाहर इस बात का शोर कर चुका था कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई है। इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस की छवि पर खासा असर पड़ा है। ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता करने पर टीआइ ने प्रतिवेदन बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा। जिसे गंभीरता से लेते हुए उसपी रियाज इकबाल ने आरक्षक को सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया। साथ ही इस प्रकरण की जांच एसडीओपी मैहर को दी गई है। ताकि घटना से जुड़े तथ्य सामने आ सकें।
एक खबर एेसी भी
मैहर कोतवाली क्षेत्र से ही एक और खबर की चर्चा तेज रही। पुलिस महकमें में रही चर्चा के अनुसार, सोमवार की शाम कोतवाली मैहर से पुलिस स्टॉफ ऑटो में सवार होकर उमरी पैला गांव गया था। यहां एक जुआ फड़ में दबिश देनी थी। पुलिस स्टॉफ सादे कपड़ों में था इसलिए कोई पहचान नहीं सका। जुआ फड़ में छापा मारते हुए वहां मौजूद लोगों ने पुलिस कर्मियों को पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। इस बीच दो आरक्षकों को जयादा चोट आई। जबकि बाकी वहां से भाग निकले। ऑटो चालक को भी गंभीर चोट आना बताया जा रहा है। खबर है कि छपा मारने वाली टीम में आरक्षक रवि शंकर दुबे, शिवम तिवारी, त्रिभुवन मिश्रा, पंकज मिश्रा, विनय शुक्ला, कार्तिक पाण्डेय शामिल रहे। इस मामले में टीआइ कोतवाली मैहर से जानकारी ली गई तो उनका कहना रहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया। जबकि सूत्र बताते हैं कि ऑटो चालक की रिपोर्ट पर मामला कायम करने की कार्रवाई की गई है।
Published on:
30 Oct 2019 12:15 am
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