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सोमवती अमावस्या: चित्रकूट में श्रद्धालुओं के लिए इस बार विशेष इंतजाम, जानिए क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं…

यूपी-एमपी की तराई स्थित कामदगिरी परिक्रमा पथ पर मिलेगा शीतल जल, गर्मी में श्रद्धालुओं के पैर न जलें, इसके लिए बिछाई जाएगी मैटी

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Somvati Amavasya Special arrangements this time in Chitrakoot

Somvati Amavasya Special arrangements this time in Chitrakoot

सतना. भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में अमावस्या के दिन हर महीने लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार सोमवती अमवास्या के चलते यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। गर्मी भी भीषण तरीके से पड़ रही है, लिहाजा दर्शन करने आने वाले श्रद्धालओं के लिए नगर परिषद द्वारा व्यापक इंतजाम किए हैं। कामदगिरी परिक्रमा मार्ग में कमतानाथ स्वामी की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए परिक्रमा पथ पर जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गई है।

मार्ग पर बिछवाई मैट
परिषद ने श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर एक दर्जन से अधिक प्याऊ खुलवाए हैं। जिनमें शीतल जल उपलब्ध रहेगा। इतना ही नहीं नौतपा की झुलसाती गर्मी के बीच परिक्रमा पथ पर लोगों के पांव न जलें इसके लिए परिक्रमा मार्ग के एेसे स्थल जहां पर टीनशेड की व्यवस्था नहीं है वहां नगर परिषद द्वारा मार्ग पर चटाई बिछवाई जा रही है। इसकी सिंचाई कर इसे गर्म होने से बचाया जाएगा। नगर नरिषद सीएमओ रमाकांत शुक्ला ने बताया की इस बार सोमवती अमवस्या जेष्ठ में पडऩे के कारण चित्रकूट में भीषण गर्मी है। भगवान कामतानाथ की परिक्रमा करने वाले भक्तों को गर्मी के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

अधिक होता है तापमान
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित चित्रकूट धाम मूलत: पहाड़ी इकाके पर बसा है। सूखते जलस्रोत व पत्थरों की अधिकता के कारण यहां का तापमान भी अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में कामतानाथ स्वामी के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी का प्रकार की परेशानी न आए, इस बात का प्रशासन द्वारा विशेष तैयारी की जा रही है।

श्रद्धालुओं को जरूरी सलाह
सीएमओ रमाकांत शुक्ला ने सोमवती आमवस्या पर चित्रकूट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है की वह पानी पीकर ही परिक्रमा करें। जिससे शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसके अलावा भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं से दोपहर १२ से ३ बजे तक कामदगिरि की परिक्रमा न करने की सलाह दी गई है।