
soyabean ki kheti karne ka tarika soyabean ki kheti kaise hoti hai
सतना। जिले के सोयाबीन फसल उत्पादन करने वाले किसानों के लिये उपयोगी सलाह जारी की गई है। सोयाबीन उत्पादक किसानों से कहा गया है कि जिन किसानों ने विगत 2-3 वर्षों से खेतों की गहरी जुताई नहीं करवाई हो तो खेतों की गहरी जुताई अवश्य करवायें। इसके बाद बखर/कल्टिवेटर एवं पाटा चलाकर खेत को तैयार करें। अंतिम बखरनी से पूर्व गोबर खाद (10 टन/हैक्टर) या मुर्गी की खाद (2.5 टन/हैक्टर) की दर से डालकर खेत में फैला दे।
अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित सोयाबीन किस्मों में से उपयुक्त किस्म का चयन कर बीज की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित कर लें। उपलब्ध सोयाबीन बीज का अंकुरण परीक्षण (न्यूनतम 70 प्रतिशत) सुनिश्चित करे। बोवनी के समय आवश्यक आदान जैसे उर्वरक, खरपतवार नाशक, फफूंदनाशक, जैविक कल्चर आदि का क्रय कर उपलब्धता सुनिष्चत करें। सूखे खेत में सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग न करें। मानसून के आगमन से पूर्व रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं करें।
कीटनाशक का प्रयोग
पीला मोजाइक की रोकथाम हेतु अनुशंसित कीटनाशक थायोमिथक्सम 30 एफ.एस (10 मिली प्रति किग्रा बीज) या इमिडाक्लोप्रिड 48 एफएस (1.2 मिली/किग्रा बीज) से बीज उपचार करने हेतु क्रय/उपलब्धता सुनिश्चित करें। वर्षा के आगमन के पश्चात, सोयाबीन की बोवनी के लिये मध्य जून से जुलाई के प्रथम सप्ताह का उपयुक्त समय है।
Published on:
27 May 2019 01:06 pm
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