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स्पीड गवर्नर: ऑपरेटर को देना होगा शपथ-पत्र

परीक्षण व सत्यापन के लिए परिवहन विभाग की कवायद  

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satna bus operator

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सतना. स्पीड गवर्नर को लेकर परिवहन विभाग सख्त भूमिका में आ गया है। अब ऑपरेटर से ही शपथ पत्र मांगा जा रहा है कि वाहन में स्पीड गवर्नर मापदंड के अनुसार लगा हुआ है। उसके बाद ही सत्यापन, परीक्षण व फिटनेस जारी किया जा रहा है। इसके चलते वाहन मुख्यालय से लॉक हो रहे हैं। ऐसे में लगन सीजन में बस ऑपरेटरों लिए चुनौती बढ़ गई है। उनका आरोप है कि जिन वाहन में स्पीड गवर्नर लगे हैं उन्हें भी विभाग लॉक कर रहा या फिटनेस जारी नहीं कर रहा है। दरअसल, विभाग वर्ष 2014 के पूर्व पंजीकृत वाहनों के लिए स्पीड गर्वनर लगे होने की पुष्टि शपथ पत्र के रूप में ले रहा है। अक्टूबर २०१५ के बाद पंजीकृत वाहनों की जानकारी डीलरों से मांगी जा रही है। उन वाहनों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें कंपनी ने स्वयं के स्तर पर स्पीड गवर्नर लगा रखा है।

फिटनेस पर संकट
स्पीड गर्वनर प्रमाणित व सत्यापित नहीं कराने के चक्कर में फिटनेद्य पर संकट मंडरा रहा है। मुख्यालय से ही वाहनों को लॉक कर दिया जा रहा है। इसके चलते ऑपरेटर परिवहन विभाग पहुंच नए नियम के तहत स्पीड गवर्नर लगवाने व सत्यापित करवाने का काम कर रहे हैं।

मुख्यालय का फरमान
दरअसल, डीपीएस बस हादसे के बाद परिवहन मुख्यालय में शिकायतें पहुंचीं थीं कि स्पीड गर्वनर काम नहीं कर रहे हैं। वहीं विभाग की जांच में तथ्य सामने आया था कि गवर्नर दिखाने के लिए अमानक स्तर के लगाए गए हैं या फिर डिस्कनेक्ट कर के रखे गए हंै। इसके बाद मुख्यालय ने आदेश जारी किया है कि शपथ पत्र लिया जाए, ताकि कभी कोई हादसा होता है तो वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय की जा सके।

जिनके सॉफ्टवेयर अपडेट, वही मान्य
शासन ने स्पीड गवर्नर के लिए रोजमार्ट कंपनी के लगभग 800 मॉडल को मंजूरी दी है। वाहनों में इन्ही मॉडल में से एक स्पीड गवर्नर लगाने होंगे। उसके बाद विभाग परीक्षण करने के बाद फिटनेस जारी होगा। अन्य किसी कंपनी का गवर्नर है, तो नए सिरे से प्रमाण पत्र व शपथ पत्र देकर सॉफ्टवेयर में अपडेट कराना होगा। अगर, ऐसा नहीं होता है, तो फिटनेस जारी नहीं होगा।

आपेरटर पहुंचे आरटीओ
स्पीड गवर्नर की नई पेंच के चलते अब फिटनेस नहीं मिल रहा है। इस समस्या के चलते बस आपरेटर मंगलवार को बाइपास स्थित आरटीओ कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आरटीओ संजय श्रीवास्तव को सामने अपनी बात रखी। इस पर आरटीओ द्वारा बताया गया कि सभी नए निर्णय मुख्यालय स्तर से लिए गए हैं। इस चर्चा के दौरान दर्जनभर वाहन फिटनेस के लिए परिसर में खड़े रहे।