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सतना। मझगवां जनपद पंचायत की बरहा पंचायत में बनाए गए स्टाप डैम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि सरपंच-सचिव जनपद के तकनीकी अमले से मिली-भगत कर घटिया निर्माण करा रहे हैं। यही वजह है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
इन जगहों पर बनें स्टाप डैम
बरहा पंचायत में तीन स्टाप डैम बनाए गए हैं। पहला मौहार में मामा जी के खेत के पास, दूसरा गहिरा में रानी यादव के खेत पास व एक और। ग्रामीणों का आरोप है तीनों की लागत 14 लाख 35 हजार बताई गई है, लेकिन सरपंच-सचिव ने 9 लाख से ज्यादा खर्च नहीं किए हैं। शेष राशि आपस में बांटने का आरोप है। यही वजह है कि उपयंत्री व सहायक यंत्री मौका मुआयना करने नहीं पहुंचते।
दफ्तर में बैठकर हुआ मूल्यांकन
दफ्तर में बैठकर ही मूल्यांकन कर लिया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीइओ साकेत मालवीय व कलेक्टर सतेन्द्र सिंह का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच कराने की मांग की है। कहा, तीनों स्टाप डेम की खुदाई कर कांक्रीट का लैब से टेस्ट कराया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि 10 दिन में यदि जांच न कराई गई तो अनशन किया जाएगा।
बेस ढालने में तय मानकों की अनदेखी
इस्टीमेट की शर्तों के अनुसार, स्टाप डेम का बेस काफी मोटा होना चाहिए। इसके कांक्रीट में गुुणवत्तायुक्त गिट्टी, बालू और सीमेंट उपयोग की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सरपंच-सचिव उपयंत्री से मिलकर तीनों स्टाप डेम के बेस में मुरम व पत्थर डाल दिया है। इसके बाद नाम मात्र के लिए गिट्टी बालू व सीमेंट डाल दी। इसके बाद दोनों तरफ प्लेट लगाकर बीच में मुरुम पत्थर डाल दिया। अगल-बगल गिट्टी बालू और सीमेंट भर दी।
Published on:
29 May 2019 01:18 pm
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