2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CMHO ने पत्र में लिखा- अस्पताल में स्टाफ के नहीं ठहरने से निष्क्रिय हो गए प्रसव केंद्र

जिले में संचालित 31 में से सात प्रसव केंद्रों की हकीकत, कुलगढ़ी स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों की हालत और खराब

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Oct 06, 2019

story of Primary Health Centre Kulgarhi in satna

story of Primary Health Centre Kulgarhi in satna

सतना/ उचेहरा जनपद पंचायत का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुलगढ़ी डिलीवरी प्वॉइंट भी है। वहां चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ हैं। लेकिन, इनमें से कोई भी मुख्यालय पर नहीं रहता। इस वजह से प्रसव केंद्र निष्क्रिय हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरी में पीड़ा से कराहती गर्भवती को लेकर 12 किमी. दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नागौद, उचेहरा में भर्ती कराना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें: PM किसान सम्मान निधि: MP के 28 लाख किसानों के नाम रिजेक्ट, आधार कार्ड से मेल नहीं खा रही जानकारी

यह हाल महज कुलगढ़ी का नहीं, जिलेभर में संचालित 31 प्रसव केंद्र में से सात केंद्र अमरपाटन का रामगढ़ा, रामनगर का मर्यादपुर और मनकहरी, सोहावल का सोहावल और कुआं, उचेहरा के परसमनिया भी निष्क्रिय हैं।

ये भी पढ़ें: सतना में घूम रहा खाकी वाला ठग, कियोस्क संचालकों को बनाता है अपना शिकार, फिर देता है वर्दी की धौंस

दरअसल, सरकार ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मुहैया कराने को लेकर गंभीर है। इसी के तहत कुलगढ़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनवाया। चिकित्सकों सहित स्टॉफ की पदस्थापना कर प्रसव केंद्र घोषित किया। लेकिन, पूरी कवायद अमले की मनमानी की भेंट चढ़ गई।

ये भी पढ़ें: जंगल के रास्ते घर जा रहा था 15 हजार का इनामी डकैत, मिचकुरिन घाटी के जंगल से पुलिस ने किया गिरफ्तार

महकमा खुद कह रहा मुख्यालय पर नहीं रहता स्टाफ
स्वास्थ्य महकमा स्वीकार कर रहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुलगढ़ी का स्टाफ मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहा। इसकी वजह से क्रियाशील प्रसव केंद्र निष्क्रिय हो गया है। सीएमएचओ और एनएचएम जिला कार्यालय ने यह रिपोर्ट संचालनालय स्वास्थ्य सेवा सहित कलेक्टर को भेजी है। सीएमएचओ सहित अन्य ने रिपोर्ट भेजकर कागजी खानापूर्ति कर दी है। मनमानी करने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई तो दूर प्रसव केंद्र को सक्रिय नहीं किया जा सका है।

मृत्यु दर कम करने की कवायद
प्रसव केंद्र के निष्क्रिय हो जाने से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के प्रयासाों को भी झटका लग रहा है। गर्भवती को गांव में डिलीवरी प्वॉइंट होने के बाद भी इलाज के लिए भटकाव झेलना पड़ रहा है। महकमे द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधन सहित उपकरणों का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है।

आकस्मिक स्थिति में चुनौती
कुलगढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कैचमेंट एरिया में आसपास के गांवों की 30 हजार से अधिक आबादी आती है। इन्हें आकस्मिक स्थिति में गर्भवती को चिकित्सा मुहैया कराने की चुनौती होती है। 10 से 12 किमी. दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नागौद या उचेहरा ले जाना पड़ता है।

कुलगढ़ी में स्टाफ पदस्थ
- मेडिकल आफिसर 01
- लैब टेक्नीशियन 01
- एलएचवी 01
- फार्मासिस्ट 01
- ड्रेसर 01
- वार्ड ब्यॉय 01
- सफाईकर्मी 01

Story Loader