
Story of satna District achar sanhita ullanghan in assembly election
सतना। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगने के लगभग 20 दिन पहले निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश जारी कर संपत्ति विरूपण की कार्रवाई कर प्रत्येक दिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा था। जिले में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगने के 24 घंटे बीतने के बाद भी संपत्ति विरूपण की कार्रवाई गति नहीं पकड़ सकी।
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर रविवार को दूसरे दिन भी नगर निगम प्रशासन संपत्ति विरूपण की कार्रवाई में जुटा रहा पर कार्रवाई सिर्फ शहर तक ही सीमित रही। कस्बों एवं ग्रामीण अंचल में आचार संहिता लगने के 24 घंटे बाद भी पार्टियों की प्रचार प्रसार समाग्री हटाने की कार्रवाई नहीं शुरू हो सकी।
सरकार का प्रचार
आलम यह है कि ग्रामीण अंचल में सड़क किनारे बने यात्री प्रतीक्षालय में लगी प्रचार सामग्री विधायक एवं सरकार का प्रचार कर रही है। सड़क किनारे विधायकों द्वारा बनवाए गए प्रतीक्षालय एवं सांसद-विधायकों द्वारा वितरित किए गए पानी के टैंकरों में अभी भी विधायक और मुख्यमंत्री का नाम और तस्वीर चस्पा है। संपत्ति विरूपण की कार्रवाई में निर्वाचन अधिकारी की हीलाहवाली के चलते जिले में जगह-जगह आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की तस्वीर दिखाई दे रही हैं।
बैनर-पोस्टर पर मुद्रक-प्रकाशक का नाम जरूरी
आदर्श आचरण संहिता के मद्देनजर जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों एवं प्रिंटर्स को आगाह किया गया है कि कोई भी पोस्टर, पम्पलेट, प्लेकार्ड, इस्तहार या परिपत्र ऐसा नहीं निकाला जाए जिसमें मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता अंकित नहीं हो।
प्रचार सामग्री की संख्या का उल्लेख अनिवार्य
विधानसभा निर्वाचन 2018 में राजनीतिक दलों या अभ्यर्थियों द्वारा पोस्टर, पम्पलेट, प्लेकार्ड, इस्तहार या परिपत्र मुद्रित कराया जाता है तो उनके मुद्रणालय में उपरोक्त या अन्य किसी चुनाव संबंधी प्रचार सामग्री की संख्या का उल्लेख अनिवार्य रूप से करें। ऐसा नहीं करने पर प्रिंटर्स के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसमें 6 माह का करावास एवं दो हजार रुपए जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
Published on:
08 Oct 2018 01:23 pm
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