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Success Story: बुढ़ापे में जवानी सा जोश, 59 वर्ष में सात समुंदर पार लगाई मैराथन की छलांग

सिंगापुर मैराथन में भाग लेकर इंडिया लौटे धावक संजय बनर्जी ने पत्रिका से साझा किया अनुभव, 59 साल की उम्र में की एशिया की तीन बड़ी मैराथन

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सतना

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Suresh Mishra

Jan 09, 2020

Success Story of international runner Sanjai Banerji from Satna

Success Story of international runner Sanjai Banerji from Satna

सतना। उम्र के जिस पड़ाव में लोग आराम करने की सोचते हैं, उस उम्र में मैराथन दौड़ में हजारों युवाओं को पीछे छोड़ सतना के धावक संजय बनर्जी ने अनूठी मिसाल पेश की। हाल ही में नंबर 2019 में सिंगापुर में आयोजित एशिया की सबसे बड़ी मैराथन रेस में शामिल होकर लौटे है। उन्होंने पत्रिका को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि रेस के लिहाज से साल 2019 सबसे बेस्ट था।

जनवरी माह में मुबंई में आयोति टाटा मैराथन में भाग लिया। जहां 40 देशों के 40 हजार धावक शामिल हुए थे। इसके बाद सितंबर माह में मलेशिया की मैराथन में भाग लिए। जिसमे 75 देशों के 45 हजार प्रतिभागी भाग लिए। इसी तरह 2019 के लास्ट में अपने एशिया की एक बडी रेस में शामिल हुए। जिसमे दुनियाभर के 125 देश के 51 हजार धावकों ने अपनी प्रतिभा दिखाई थी।

अगला लक्ष्य अल्ट्रा मैराथन
प्रिज्म सीमेंट कंपनी में कार्पोरेट इमेज विभाग में जनरल मैनेजर पद पर पदस्थ संजय बनर्जी ने बताया कि अब अगला लक्ष्य अल्ट्रा मैराथन है। जहां देश-दुनिया के लाखों प्रतिभागी शामिल होते है। ये रेस 42 किमी. से ज्यादा दूरी की होती है।

चार प्रकार की होती है रेस
बनर्जी ने बताया कि चार प्रकार की मैराथन रेस होती है। 10 किमी. की रेस, 21 किमी. की हाप मैराथन, 42 किमी. की मैराथन और 50, 60, 72, 80 किमी. की रेस को अल्ट्रा मैराथन कहते है।

चले थे व्यायाम करने, बन गए पेशेवर धावक
2008 से रेस की शुरूआत करने वाले संजय ने बताया कि किडनी के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने व्यायाम करने की सलाह दी। पूछा कि आपका किस खेल पर शौक है। क्योंकि बचपन और कॉलेज के दिनों में रेस करता था। इसलिए व्यायाम के रूप में दौडऩा शुरू कर दिया। फिर कुछ दिन बाद छोटी-बड़ी रेस में शामिल होने लगा। आज देश-दुनिया की सभी मैराथन में भाग लेता हूं।

अब तक लगा चुके है 50 रेस
मुंबई से रेस की शुरूआत करने वाले संजय बनर्जी अब तक 50 रेसों में शामिल हो चुके है। जीवन की पहली रेस मुंबई, फिर जैसलमेर, इसी तरह बैंगलूरू, दिल्ली, भोपाल, शिर्डी, लद्दाख, चंडीगढ़, कोलकाता, हैदराबाद, पचमढ़ी, कौला लुम्पूर मलेशिया और सिंगापुर में हुई मैराथन में भाग ले चुके है।