26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्यप्रदेश: सूखा राहत से वंचित 50 हजार किसान, 21.92 करोड़ का भुगतान बकाया

जिला प्रशासन ने मांगी रकम

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Sep 16, 2018

sukha rahat

sukha rahat

रमाशंकर शर्मा @ सतना। जिले के 50 हजार से ज्यादा किसानों को उनकी सूखा राहत राशि का भुगतान नहीं हो सका है। 21 करोड़ रुपए सूखा राहत का भुगतान बाकी है। कारण, इतनी बड़ी राशि जिले में भुगतान के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन ने राहत आयुक्त से राशि की मांग की है। बताया गया, जिले के 50302 किसानों को 21,92,55,450 रुपए का भुगतान बकाया है। भुगतान नहीं मिलने पर किसानों में असंतोष गहराने लगा है।

लोक सेवा गारंटी के बाद ऐसे हालात
प्राकृतिक आपदा से खराब होने वाली फसल को प्रदेश सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। इस अधिनियम के तहत प्राकृतिक आपदा में अब 7 दिन में सर्वेकर 30 दिन के अंदर भुगतान का प्रावधान है। लेकिन जिले का राजस्व अमला इसे भी गंभीरता से नहीं ले सका। हालांकि इस बार मार्च में राशि लैप्स होने पर राहत आयुक्त ने तल्ख आपत्ति जाहिर की थी।

ऐसी है जिले की हकीकत
वित्तीय वर्ष 2017-18 में सूखा राहत वितरण के लिए 73.24 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ था। इसमें से 36.48 करोड़ का भुगतान किसानों को इ-पेमेंट के माध्यम से 31 मार्च की स्थिति में किया गया था। 36.75 करोड़ रुपए की राशि वितरण न होने के कारण समर्पित हो गई थी। हालांकि जिला प्रशासन के आवेदन के बाद वित्तीय वर्ष 2017-18 के तहत पुन: 36.80 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ। इसके एवज में जिला प्रशासन द्वारा 367997337 रुपए का वितरण किसानों को कर दिया गया। राहत शाखा के अनुसार अब तक 147945 किसानों को 73,28,06,870 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। अभी भी 50302 किसानों को 21,92,55,450 रुपए का भुगतान होना है।

यह भाजपा सरकार का असली चेहरा है। सतना में अपनी जनसभा में मुख्यमंत्री ने घूम-घूमकर किसानों को सूखा राहत राशि दिए जाने की बात कहते हुए स्वयं अपनी पीठ थपथपाई। पर किसानों से इनकी दूरी सामने आ गई कि व्यापक पैमाने पर सूखा राहत लंबित होने की जानकारी नहीं है।
राजेन्द्र मिश्रा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

हमारी जानकारी में प्रत्येक किसान को सूखा राहत राशि दी जा चुकी है। इस संबंध में समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश भी दिए जाते रहे हैं। अगर ऐसा है तो यह गंभीर विषय है। पार्टी के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी। त्वरित भुगतान की व्यवस्था कराई जाएगी।
नरेन्द्र त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा