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गरीब बच्चों को फुटबॉलर बनाने का जुनून

शिक्षक दिवस विशेष : फुटबाल खिलाड़ी पंकज सिंह चार साल से दे रहे बच्चों को नि:शुल्क प्रशिक्षण

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सतना

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Jyoti Gupta

Sep 05, 2019

Teacher's Day Special: Football player Pankaj gives free training

Teacher's Day Special: Football player Pankaj gives free training

सतना. जहां चाह, वहां राह..., कुछ इसी सूत्र वाक्य के साथ सतना के फुटबॉल प्रशिक्षक पंकज सिंह स्लम एरिया में काम कर रहे हैं। स्लम एरिया और नई बस्ती के गरीब बच्चों के बीच से फुटबॉलर की तलाश करते हैं और प्रशिक्षण देकर राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए के तैयार करते हैं। उनके इस प्रयास से करीब एक दर्जन बच्चे आज राज्यस्तरीय खेलों में दस्तक दे चुके हैं। हर वर्ष स्लम एरिया ने निकला हुआ कोई न कोई बच्चा राज्य स्तरीय खेलों में अपनी पहचान छोड़ रहा है। इसके पीछे मात्र एक कारण है फुटबॉल कोच पंकज सिंह का प्रयास...

मेरे टैलेंट को आगे बढ़ा रहे गरीब-स्लम एरिया के बच्चे
पंकज सिंह बताते हैं कि मैं एक खेल अधिकारी हंू। जिस कॉलेज में कार्यरत हंू, वहां के बच्चों को तो फुटबॉल की ट्रेनिंग देता ही हंू पर जब देखता हंू कि स्लम एरिया के बच्चों में भी फुटबॉल खेलने की चाहत है तो उनको नि:स्वार्थ भाव से इस फील्ड में लाने का प्रयास करता हंू। मैं एक शिक्षक हूं, मेरा काम ही है कि बच्चों के टैलेंट को बिना भेदभाव और लालच के निखारू और उनको आगे बढ़ाऊं । मुझे लगता है कि जब हम अपनी प्रतिभा को किसी और को सौंपते हैं और वे इसे आगे बढ़ाता है तो उसके साथ-साथ शिक्षक का भी नाम होता है जो उसे वहां तक पहुंचाता है। मैं जानता हंू कि स्लम एरिया के बच्चों के पास इतनी इनकम नहीं रहता कि वे फुटबॉल किट, ड्रेस और शूज को खरीद सकें।

पैरेंट्स को मनाने महीनों काटे चक्कर

पंकज बताते हैं जब वह उचेहरा कॉलेज से ड्यूटी खत्म कर वापस सतना आते और सतना से नई बस्ती अपने घर की ओर रुख करते। तो कई स्लम एरिया के बच्चे फ टी तुचकी फुटबॉल से खेलते थे। महीने इन बच्चों को वॉच किया। मुझे लगा कि इन बच्चों को मैं अच्छा फुटबॉलर बना सकता हंू। तब मैने इनसे बात की। पर ये बच्चे इस खेल में आने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे क्योंकि उनको इस बात का डर था कि उनके पैरेंट्स साथ नहीं देंगे। इसके बाद मैंने इन बच्चों का एड्रेस लिया और पूरे महीने इनके पैरेंट्स के पास गया और बताया कि अगर उनके बच्चे इस फील्ड में आते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इनसे इनका विकास भी होगा और शहर का नाम भी रोशन होगा। तब उनके पैरेंट्स मान गए।

2016 में दस और अब 40 बच्चों की तीन टीम

2016 में दस बच्चों को मैंने फुटबॉल की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। देखते ही देखते 2017 में स्लम एरिया के चालीस बच्चे इस खेल को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद जब मैं कॉलेज से बाहर आता तो डिग्री कॉलेज में बने ग्राउंड में इन बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण देता। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते थे उनका भी दाखिला स्कूलों में कराया ताकि यह स्कूल लेवल से फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग ले सकें। दो साल के अंदर मिनी 5 से आठ, जूनियर 9 से 12 और सीनियर 13 से 18 साल की तीन टीम बना ली। इसके बाद इन बच्चों को स्कूल के खेल में भाग दिलवाया। ओपन प्रतियोगिता टीम में पार्टिसिपेट करवाया। धीरे धीरे ये बच्चे संभाग, राज्य लेबल प्रतियोगिता में भाग लिया।

2017 की उपलब्धि
मनीषा विश्वकर्मा मिनी प्रतियोगिता

निखिल विश्वकर्मा मिनी प्रतियोगिता

गोलू सोंधिया मिनी प्रतियोगिता

अरुण नागर मिनी प्रतियोगिता
मनीष मिश्रा सीनियर प्रतियोगिता

दीपक सेन सीनियर प्रतियोगिता

अमित नागर सीनियर प्रतियोगिता

प्रकाश सोंधिया सीनियर प्रतियोगिता

2018 की उपलब्धि
मनीष कुशवाहा जिलास्तरीय

चंद्रमणि कुशवाहा जिलास्तरीय

2018 कॉलेज लेवल उपलब्धि

रोहित मिश्रा संभागस्तरीय

अंशुमान पांडेय संभागस्तरीय
दीपक सेन राज्यस्तरीय

राहुल सिंह विश्वविद्यालय स्तर

2019 की उपलब्धि अब तक

मयंक चौरसिया जिलास्तरीय

गोलू चौरसिया जिलास्तरीय
मनीष कुशवाहा संभागस्तरीय

चंद्राणी कुशवाहा संभागस्तरीय

अमित नगर राज्यस्तरीय

निखिल विश्वकर्मा राज्यस्तरीय
मनीष विश्वकर्मा राज्यस्तरीय