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शिक्षक दिवस: खेल-खेल में समझाते थे विज्ञान, मिला राज्यस्तरीय सम्मान

शिक्षक दिवस पर सम्मानित होंगे किटहा स्कूल के शिक्षक मणिराज प्रसाद

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सतना

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Suresh Mishra

Sep 04, 2018

Teachers day: story of maniraj prasad tripathi in satna Teacher

Teachers day: story of maniraj prasad tripathi in satna Teacher

सतना। शासकीय विद्यालय किटहा के शिक्षक मणिराज प्रसाद त्रिपाठी को राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान मिला है। शिक्षक दिवस पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में वे सम्मानित होंगे। सम्मान उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में 27 साल तक उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। मणिराज त्रिपाठी की पूरे जिले में विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार करने के लिए पहचान है। वे बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान समझाते हैं। अक्सर अपनी कक्षाओं में विज्ञान को लेकर नुक्कड़ नाटक व क्विज प्रतियोगिता करते रहे हैं।

जब वे कक्षा लेते हैं तो क्लास का माहौल गंभीर नहीं रहता, बल्कि हंसी-ठिठोली के बीच विद्यार्थी विज्ञान की बारीकी को समझते हैं। इससे उन्हें अधिकतर तथ्य आसानी से समझ में आ जाते हैं और जीवन पर्यंत काम भी आते। मणिराज प्रसाद कहते हैं कि इससे विद्यार्थी रटने की बजाय समझने पर जोर देते हैं। इसका परिणाम दूरगामी होता है। उल्लेखनीय है, उनके पढ़ाए एक दर्जन से ज्यादा विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय पुरुस्कार मिल चुका है।

ये करते थे नवाचार
शिक्षक मणिराज प्रसाद त्रिपाठी ने विज्ञान के क्षेत्र में कई नवाचार किए हैं। इसमें अनुपयोगी वस्तुओं से विज्ञान मॉडल बनाना, विज्ञान नाटिका का लेखन व मंचन, कैसेट व वीडियो फिल्म बनवाना, सामान्य ज्ञान, विज्ञान पहेली, वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण, व्याख्यान, चित्रकला प्रतियोगिता आदि का आयोजन करना। इसके साथ ही विज्ञान गति विधि मेला, इको स्मार्ट स्कूल गतिविधि, वैज्ञानिक जागरूकता वर्ष, जल साक्षरता समारोह जैसे बड़े कार्यक्रम जिला स्तर पर क्रियान्वित किए।

सतना-दमोह में काम
मणिराज प्रसाद त्रिपाठी का जन्म 26 अगस्त 1961 को हुआ। उन्होंने 1990 से शिक्षण के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। इससे पहले उन्होंने सात वर्षों से औद्योगिक संस्थानों में काम किया। अनुभव को शैक्षणिक कार्य में उपयोग किया। उन्होंने 27 साल के सेवाकाल के दौरान दमोह व सतना में सेवाएं दी हैं।

जिले के पहले शिक्षक
मणिराज प्रसाद त्रिपाठी को प्राचार्य के तौर पर जिले का पहला राज्यस्तरीय सम्मान पाने वाला बताया गया। इससे पहले ये सम्मान सहायक शिक्षकों को मिला है। अभी तक जिले की अर्चना तिवारी प्रेमनगर, राकेश मिश्रा खूंथी, कामता त्रिपाठी रहिकवारा, सुधीर तिवारी जवाहर नगर व आलोक त्रिपाठी महदेवा सम्मानित हो चुके हैं।