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तत्कालीन महापौर के बेटे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

रेलवे स्टेशन पर हुआ था विवाद, सहकारी बैंक अध्यक्ष ने लगाया था गोली चलाने का आरोप

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The then mayor's son's anticipatory bail petition rejected

The then mayor's son's anticipatory bail petition rejected

सतना. नगर पालिक निगम सतना की तत्कालीन महापौर ममता पाण्डेय के चिकित्सक पुत्र अमित पाण्डेय की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार सोनी की अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद जमानत आवेदन को खारिज किया। इस दौरान टिप्पणी की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत का लाभ देना उचित नहीं होगा। जमानत आवेदन का विरोध लोक अभियोजक/ शासकीय अभिभाषक रमेश मिश्रा ने किया।

आरोपी अमित पाण्डेय ने सत्र न्यायाधीश रमेश सोनी की अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। अधिवक्ता ने आरोपी की ओर से तर्क दिया कि जीआरपी में उसके खिलाफ राजनीतिक दबाव में आकर सत्ताधारी दल के स्थानीय नेता द्वारा मारपीट का झूठा मामला दर्ज कराया है जबकि हकीकत यह है कि उसके द्वारा न तो गाली-गलौज की गई और न मारपीट। आरोपी अपनी मां ममता पाण्डेय को रेलवे स्टेशन लेने आया था। तब उसकी मां ननि सतना की महापौर थीं। वहां कुछ लोग मारपीट करने के उद्देश्य से अस्त्रों से लैस होकर खड़े थे। उसके स्टेशन पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया गया। हमला करने वाला यह समझ गया था कि उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इससे बचने के लिए उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

जबकि मेडिकल परीक्षण में एेसी कोई बात सामने नहीं आई। प्रथम दृष्ट्या उसके खिलाफ भादवि की धारा 307 का अपराध भी नहीं बनता है। जीआरपी सतना द्वारा यह सूचना दी गई कि उसके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध है। इसकी वजह से जीआरपी उसे गिरफ्तार करने की फिराक में है। जबकि वह पेशे से डॉक्टर है और उसकी मां ममता पाण्डेय ननि सतना की महापौर रही हैं। उसे गिरफ्तार किया गया तो उसकी छवि धूमिल हो जाएगी। अधिवक्ता ने उपरोक्त तर्कों के आधार पर आरोपी अमित पाण्डेय को जमानत का लाभ देने अनुरोध किया लेकिन आरोपी के जमानत आवेदन का विरोध लोक अभियोजक/ शासकीय अभिभाषक रमेश मिश्रा ने किया। अदालत से कहा कि यह गंभीर मामला है। एेसे में आरोपी को जमानत का लाभ देना उचित नहीं होगा। अदालत ने दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद आरोपी अमित पाण्डेय के अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।

यह है मामला

28 मार्च 2016 को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा का स्वागत करने पहुंचीं महापौर ममता पाण्डेय और सहकारी बैंक अध्यक्ष रत्नाकर चतुर्वेदी के बीच रेलवे स्टेशन पर विवाद हो गया था। रत्नाकर चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि महापौर के बेटे अमित पाण्डेय ने उनको जान से मारने की नियत से उनके ऊपर गोली चलाई है। रत्नाकर की शिकायत पर अमित के खिलाफ भादवि की धारा 293, 294 और 307 के तहत अपराध क्रमांक 73/2016 पंजीबद्ध किया गया था।