
The toilet dry, the hassle of the night shelter
सतना. बसस्टैंड में संचालित रैन बसेरा में मुसाफिरों को सभी सुविधाएं मिले इसके लिए रैनबसेरा संचालन का कार्य ठेके पर दे दिया गया था, लेकिन निजी हाथ में सौंपे जाने के बाद भी रैन बसेरा की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बसस्टैंड स्थित रैन बसेरा में प्रतिदिन मुसाफिर ठहरते हैं, लेकिन उन्हें सुविधा के नाम पर ठेकेदार द्वार सिर्फ बिस्तर उपलब्ध कराया जा रहा है। रैन बसेरा में न पीने के लिए पेयजल उपलब्ध है और न टायलेट के लिए पानी। इसकी पोल गुरुवार को तब खुली जब महापौर ममता पाण्डेय शहर भ्रमण के दौरान बस्टैंड रैन बसेरा पहुंचीं और वहां मुसाफिरों को दी जा रही सुविधओं का जायजा लिया। मुसाफिरों ने बताया कि टायलेट में पानी नहीं है, इसलिए बाहर से पानी लाना पड़ता है। मुसाफिरों की समस्याएं सुनने के बाद महापौर ने ठेका कर्मचारी को फटकार लगाते हुए कहा कि नगर निगम रैन बसेरा संचालन के लिए हर माह भुगतान करता है, इसलिए रैन बसेरा में पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। यदि पानी की व्यवस्था नहीं कर सकते तो ठेका क्यों लिया है। उन्होंने ठेकेदार से रैन बसेरा की व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए।
दुकानों की टपक रही छत
बसस्टैंड के दुकानदारों ने महापौर से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा दी गई अधिकांश दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। बारिश होते ही दुकानों की छत टपकने लगती है। कई दुकानों की सीलिंग गिर रही है, इसलिए दुकानों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। महापौर ने व्यापारियों को जर्जर दुकानों की रिपेयरिंग कराने का आश्वासन दिया। साथ ही स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों को बारिश से पहले नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाकर सफाई का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे बारिश के मौसम में बसस्टैंड परिसर में जलभराव न हो।
Published on:
08 Jun 2019 12:08 am
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