
The word 'gorkhadhandha' banned in the official news of Madhya Pradesh
सतना। अब मध्यप्रदेश के शासकीय अभिलेखों में 'गोरखधंधा' शब्द प्रतिबंधित हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने इसकी शुरुआत सरकारी समाचारों से कर दी है। जनसंपर्क विभाग के समाचारों में अब 'गोरखधंधा' शब्द का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जनसंपर्क संचालनालय ने आदेश जारी कर दिये हैं। मामला मुख्यमंत्री को नाथ संप्रदाय के अनुयायियों द्वारा लिखे गये पत्र से जुड़ा है।
समाज ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारत वर्षीय नाथ समाज दिल्ली ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिख कर बताया है कि पूरे भारत में भगवान गुरु गोरक्षनाथ हमारे अराध्य देव हैं। इसलिये जो भी गुरु गोरखनाथ के अनुयायी है उन्हें 'गोरखधंधा' शब्द सुनकर बड़ा दु:ख होता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से 'गोरखधंधा' शब्द का प्रयोग बंद करवाने का आग्रह किया है।
सीएम मॉनिट की टॉप प्राथमिकता में
इस पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीएम मॉनिट 'ए प्लस' श्रेणी में रखा है। इस पर कार्यवाही भी प्रारंभ हो गई है। इसकी शुरुआत जनसंपर्क विभाग से हो भी गई है। जनसंपर्क संचालनालय ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिये हैं। कहा गया है कि शासकीय समाचारों में 'गोरखधंधा' जैसे शब्द का प्रयोग न किया जाए।
यूपी के मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर के महंत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध मंदिर के महंत है। देश भर के नाथ संप्रदाय के अनुयायी इस मंदिर पर अगाध आस्था रखते हैं और योगी को अपना गुरु मानते हैं।
Published on:
04 Nov 2021 10:48 am
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