
Then a fake railway officer cheats money from a businessman
सतना. फर्जी रेल अफसर बनकर रेलवे का स्क्रैप बेचने के लिए व्यापारियों को फंसाने और फिर उनसे रकम एेंठने वाला एक बदमाश पकड़ा गया है। जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्त में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह तीन दिन बाद फिर से एक ठगी करने वाला था। इसके लिए उसकी सतना के ही कुछ व्यापारियों से बात चल रही थी। लेकिन एक और ठगी कररने से पहले पकड़ा गया। पूछताछ के बाद जीआरपी ने इस शातिर बदमाश को शुक्रवार को अदालत में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
यह है मामला
सरला नगर रोड मैहर निवासी अमित कुमार गुप्ता पुत्र लालजी गुप्ता ने 18 दिसंबर 2019 को उप थाना जीआरपी सतना में शिकायत दर्ज कराई थी। अमित ने पुलिस को बताया था कि उसके मोबाइल पर रेल अधिकारी रंजीत सिंह नाम के व्यक्ति ने फोन करते हुए रेलवे से निकले ड्रम सस्ते दाम में बेचने की बात कही। इसके बाद उसने सतना बुलाया और एक लाख 20 हजार रुपए मेें सौदा तय करते हुए 37 हजार 900 रुपए नकद ले लिया। इसके बाद खुद को रेल अफसर बताने वाला गायब हो गया।
मोबाइल से पकड़ा गया
पीडि़त ने जब जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने जांच के बाद आइपीसी की धारा ४१९, ४२० के तहत मामला कायम करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी। जिस नंबर से आरोपी ने फोन किया था उसे साइबर सेल ने जांचा तो सही पता मिल गया। एेसे में उप थाना प्रभारी संतोष तिवारी ने प्रधान आरक्षक रमाकांत शुक्ला, आरक्षक दयाचंद तिवारी समेत अन्य की टीम से कटनी में दबिश कराई। जहां से आरोपी रंजीत सिंह पुत्र नरेन्द्र सिंह चौहान (62) निवासी शिवाजी विवेकानंद वार्ड कटनी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से इतनी ही चूक हुई कि उसने अपने असल मोबाइल नंबर का उपयोग किया था। इसलिए पुलिस उस तक आसानी से पहुंच गई।
फिर कर लिया सवा लाख का सौदा
आरोपी जब पकड़ा गया तो उसने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार से अलग रहता है। होटलों में काम करता है और मौका मिलते ही ठगी कर लेता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सतना में ही मुख्त्यारगंज के एक कबाड़ी से ड्रम बेचने के लिए सवा लाख रुपए में सौदा किया था। इसके साथ ही उसकी बिड़ला में भी कार्टून बेचने की बात चल रही थी। अगर पुलिस की पकड़ में वह नहीं आता तो तीन दिन बाद एक और ठगी कर जाता।
Published on:
18 Jan 2020 12:32 pm
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