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पन्ना। उत्तर काशी में 200 मीटर खाई में बस गिरने से पन्ना जिले के 26 लोगों की मौत के बाद पन्ना में मातम पसरा है। इधर जिला प्रशासन ने उत्तराखंड हादसे में मरने वाले 24 श्रद्धालुओं की सूची जारी की है। प्रशासन की हेल्पलाइन नंबर से मरने वालों के नाम यह बताए गए हैं- सांटा बुद्धसिंह गांव से दिनेश प्रसाद द्विवेदी, प्रभा द्विवेदी, राजकुंवर द्विवेदी, हरिनारायण द्विवेदी, हरिबाई, रूपनारायण द्विवेदी, राजाराम सिंह, गीता सिंह। सिमरिया से जागेश्वर प्रसाद गर्ग, अनिल कुमारी। पंडवन कुडला से रामभरोसे व शीलाबाई। मोहंद्रा से मेनिका प्रसाद, सरोज कटेहा, बांकेबिहारी रामसखी।
पवई से अवधेश पांडेय, शकुंतला पांडेय। कुंवरपुर मोहंद्रा से बद्री प्रसाद शर्मा, चंद्रकली शर्मा। कोनी से सुमत रानी, शरण सिंह। ककरहटा गुनौर से राजकुमार राजपूत। चिखला से करण सिंह बुंदेला। बिजावर से जनक सिंह।
हादसे में यह हुए घायल
उदयसिंह चिखला पवई, हक्की राजा चिखला पवई, राजकुंवर राजपूत ककरहटा। इन सभी का उपचार देहरादून की मैक्स अस्पताल में चल रहा है।
जमीन पर पड़ीं लाशें देख सिहर उठे लोग
उधर, डामटा में बस के खाई में गिरते ही अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। जिसने भी इस दर्दनाक हादसे के बारे में सुना, दौड़ा चला आया। हादसे का शिकार हुई बस के परखच्चे उड़ गए। वहीं, जमीन शवों से पट गई। मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। घटनाक्रम समाने आने के बाद सिमरिया क्षेत्र ही नहीं समूचे पन्ना जिले में शोक की लहर है। सोशल मीडिया में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा है। स्थानीय मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने हादसे को लेकर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि मृतकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सांटा के दुबे परिवार में छाया मातम
सांटा गांव के दुबे परिवार से छह लोग तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। इनमें हरिनारायण द्विवेदी, रूपनारायण द्विवेदी, हीराबाई द्विवेदी, दिनेश द्विवेदी, राजकुमारी सहित एक अन्य महिला बस में सवार थी। ये हादसे का शिकार हो गए। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद से दुबे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पूरा सांटा गांव उनके घर में जुट गया है। गांव में शोक की लहर है। आसपास के गांव के लोग भी उन्हें ढाढ़स बंधाने के लिए शाम से ही सांटा पहुंचने लगे थे। उनके परिवार और रिश्तेदारों के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया।
मोहंद्रा में कटेहा परिवार पर गाज
मोहंद्रा के कटेहा परिवार के भी चार लोग मेनका कटेहा, सरोज कटेहा, बांके बिहारी व रामसखी तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। इनमें से सभी लोगों के मरने की खबर आ रही है। इसकी जानकारी लगने के बाद पूरे मोहंद्रा के लोग उनके परिवार के लोगों को ढाढस बंधाने पहुंच रहे। कुंवरपुर से भी बद्री प्रसाद और चंद्रकली के मौत की खबर है। यहां भी मातमी माहौल है।
देररात तक परेशान रहे परिजन, घर के बाहर लगा मजमा
वन विभाग से रिटायर्ड शाहनगर निवासी कृष्णविहारी द्विवेदी व उनकी पत्नी प्रभा भी तीर्थयात्रा पर गई हैं। हादसे के बाद दोनों लोग सुरक्षित हैं, लेकिन परिजन देर रात तक परेशान रहे। पैतृक गांव द्वारी में घर के बाहर लोगों का मजमा लग गया। हालांकि देर शाम बेटे को कॉल कर उन्होंने बताया कि हम लोग दूसरी सब में थे। इसलिए सब सुरक्षित हैं। हालांकि, देर रात तक रिश्तेदारों व चाहने वालों के फोन आते रहे।
दो दिन पहले हार्ट अटैक से हो गई एजेंट की मौत
पन्ना जिले से 69 तीर्थयात्रियों को लेकर गए गुनौर निवासी श्यामसुंदर खरे की दो दिन पहले ही हार्ट अटैक से मौत हो गई है। बताया गया कि उन्होंने ही बस बुक कराई थी, लेकिन प्रयागराज व अयोध्या के आसपास हार्ट अटैक आया तो आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया गया। वहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद तीर्थयात्रा संबंधी पूरी जिम्मेदारी उनके सहायक वेद बिहारी संभाल रहे थे।
Published on:
06 Jun 2022 05:13 am
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