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एम्बुलेंस और क्रेन सुविधा को ठेंगा दिखाते हुए टोल वसूली में लगी तिरुपति बिल्डकॉन कंपनी, ये थी अनुबंध शर्तें

अनुबंध शर्त का मजाक उड़ा रही ठेका कंपनी

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Tirupati Buildcon Private Limited kya hai

Tirupati Buildcon Private Limited kya hai

सतना। तिरुपति बिल्डकॉन द्वारा सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर चार जगह टोल लगाने को लेकर हंगामा जारी है। कंपनी की मंशा सड़क मरम्मत से ज्यादा टोल वसूली की है। इसे जिला प्रशासन व एमपीआरडीसी के अधिकारी संरक्षण देने में लगे हैं, वहीं जिले के सभी जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं। इसका फायदा ठेका कंपनी उठा रही है। आलम यह है कि तिरुपति बिल्डकॉन द्वारा अनुबंध शर्त का भी पालन नहीं किया जा रहा। यानी ठेका कंपनी मानव जीवन को हाशिए पर रखकर काम कर रही है।

ये है मामला
गौरतलब है कि एमपीआरडीसी ने तिरुपति बिल्डकॉन को ओएमटी के तहत टोल वसूली की अनुमति दी है। इसके तहत सड़क के रख-रखाव के आधार पर ठेका कंपनी टोल वसूल सकती है। वहीं अनुबंध शर्त के अनुसार टोल नाकों पर एक डॉक्टर, एम्बुलेंस व क्रेन सुविधा होना चाहिए। ये सुविधाएं आंशिक रूप से उपलब्ध नहीं करानी होती है, बल्कि 24 घंटे उपलब्ध होना चाहिए। लेकिन, ठेका कंपनी ने टोल नाकों पर न तो एंबुलेंस खड़ी करती है।

न ही डॉक्टर पदस्थ
न ही क्रेन सुविधा उपलब्ध कराती है। न ही डॉक्टर पदस्थ किया गया है। हालांकि, ठेका कंपनी अनुबंध में डॉक्टर पदस्थ करने की बात को खारिज करती है। ठेका कंपनी से अनुबंध शर्त को पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन व एमपीआरडीसी के अधिकारियों की है पर इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। दूसरी ओर जब ठेका कंपनी टोल वसूली बंद होने की बात करती है, तो अधिकारी सक्रिय नजर आते हैं।

हादसे के बाद 108 सेवा
टोलनाकों पर एंबुलेंस व डॉक्टर की सुविधा इसलिए की जाती है कि अगर कोई हादसा हो तो तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। लेकिन, हालत यह है कि हादसे के बाद 108 सेवा को कॉल कर के मौके पर बुलाया जाता है। ठेका कंपनी अपनी ओर से एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराती। ऐसे में घायलों के इलाज में देरी होना आम बात है। साथ ही उनके जीवन को खतरा बढ़ जाता है। उसके बाद भी इस मुद्दें को लेकर कोई गंभीर नहीं है।

सड़क से वाहन कौन हटाए
हादसे के बाद सड़क को पुन: सुचारू करने के लिए क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाना जरूरी होता है। इसके लिए टोल पर क्रेन होना अनिवार्य शर्त रखी जाती है। लेकिन, सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर इस सेवा को नजरअंदाज कर दिया गया है। आलम यह है कि हर हादसे के बाद स्थानीय पुलिस क्रेन बुलाती है और हाइवे को चालू कराती है।

अनुबंध शर्त का पालन कर रहे हैं। ऑनकॉल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। डॉक्टर पदस्थ करने की शर्त नहीं है।
अंजनी मिश्रा, मैनेजर, त्रिरूपति बिल्डकॉन