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अपनी ही संपत्ति से बेखबर MP पुलिस, जिसकी मर्जी वही उठा ले जाता बैरिकेड

नाली-सड़क बनाने वाले ठेकेदार गलियों में कर रहे उपयोग

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 06, 2018

types of traffic control barricades

types of traffic control barricades

सतना। ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए पुलिस बेरिकेड्स का इस्तेमाल करती है। यह संपत्ति पुलिस के ही यातायात विभाग की होती है। इसकी सुरक्षा करना भी इसी महकमे का काम है। लेकिन, पुलिस के इन्हीं बेरीकेड को कोई भी व्यक्ति जब मर्जी जहां मर्जी अपने हिसाब से उपयोग कर लेता है। पत्रिका के कैमरे में कुछ एेसी ही तस्वीरें कैद हुई हैं जो हकीकत बयां कर रही हैं।

गली कूचों में सड़क और नाली बनाने वाले ठेकेदार खुद के बेरीकेड न लगाकर पुलिस विभाग के बेरीकेड सरका ले जाते हैं। काम होने के बाद उन्हें वहीं छोड़ दिया जाता है। एेसे में कीमती बेरीकेड की टूट-फूट के साथ पुलिस विभाग को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। खुद पुलिस महकमे को पता नहीं कि उनके पास गिनती में कितने बेरीकेड हैं और वह कहां रखे हैं?

पंडालों के बाहर भी
कुछ दिनों बाद शहर में जगह-जगह देवी पंडाल सज जाएंगे। कई स्थानों पर भीड़ को काबू करने और सड़क किनारे का ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए कुछ पंडालों के सामने समिति सदस्य पुलिस के इन्हीं बेरीकेड का उपयोग कर लेंगे। लेकिन इसकी अनुमति संबंधित विभाग से नहीं ली गई। इस बात का भी ध्यान नहीं दिया जाता कि टूट-फूट होने की स्थित में हर्जाना कौन देगा?

पुलिस खुद लापरवाह
विभागीय जानकार बताते हैं कि व्यवस्था बनाने के लिए बेरीकेड लगाने का काम ट्रैफिक पुलिस का होता है पर आयोजन के बाद यह ध्यान नहीं दिया जाता कि वक्त पर बेरीकेट का वापस अपनी जगह पहुंचा दिया जाए। अव्यवस्थित पड़े बेरीकेड को शरारतीतत्व तोड़ जाते हैं या फिर वहीं पड़े पड़े टुकड़ों में कबाड़ बीनने वाले बटोर ले जाते हैं।

टूटे पड़े हैं बेरीकेट
गलियों में भी बेरीकेड टूटे पड़े हैं। लेकिन पुलिस को इसकी चिंता नहीं। लाखों रुपए का बजट खर्च कर इन बेरीकेड की खरीदी की जाती है। विभागीय जानकार बताते हैं कि आम जनता से जुर्माने के तौर पर वसूली गई राशि से पुलिस के यातायात विभाग में साधन संसाधनों की पूर्ति की जाती है। इसमें एक अहम वस्तु बेरीकेड भी है। एक बार व्यवस्था बनाने के लिए रखे गए बेरीकेड को जल्दी नहीं उठाया जाता।

सख्ती बरते पुलिस
बीटीआइ के बगल से सिंधी कैम्प की ओर जाने वाले रास्ते में कई बेरीकेड एक ठेकेदार ने अपनी सुविधा के लिए लगा रखे हैं। राजेन्द्र नगर और बाजार क्षेत्र के अलावा सिविल लाइन में भी गली कूचों में बेरीकेड देखे गए। सड़क किनारे काम करने वाले सरकारी विभागों को अपने साधनों का उपयोग करना चाहिए। लेकिन सामने रखे पुलिस के बेरीकेड को ही उपयोग कर लिया जाता।

अनावश्यक पड़े बेरीकेड्स को एक सप्ताह के अंदर उठवा कर व्यवस्थित कर लिए जाएंगे। ताकि शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
- अखिलेश तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक