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बीपी बढ़ने से घबराई महिला पहुंची स्वास्थ्य केंद्र, मजदूर बोले- यहां डॉक्टर नहीं हैं, पुताई चल रही

- जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की कड़वी हकीकत - 09 स्टाफ केंद्र में पदस्थ - 30 से 50 ओपीडी रोजाना - 10 हजार कैचमेंट एरिया

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 07, 2019

Urban primary health center tikuriya tola in satna

Urban primary health center tikuriya tola in satna

सतना। नई बस्ती निवासी सुशीला गुप्ता (45) अपने दो बच्चों के साथ रिक्शे से शनिवार दोपहर करीब 3 बजे टिकुरिया टोला जा रही थी। रास्ते में उसे घबराहट हुई और चक्कर आने लगा। तबीयत बिगड़ती देख वह टिकुरिया टोला में ही स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। मेनगेट होते हुए अंदर पहुंची तो अस्पताल का नजारा स्टोर रूम जैसा नजर आया। वार्डों की पुताई चल रही थी, सामान अस्त-व्यस्त था। डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ गायब था।

तुम कहीं और जाकर इलाज कराओ

अंदर तीन मजदूर काम कर रहे थे। उसने मजदूरों से डॉक्टरों के बारे में पूछा तो वे बोले कि बहन जी सुबह से कोई नहीं आया। यहां तो पुताई चल रही है। तुम कहीं और जाकर इलाज कराओ। यह परेशानी सिर्फ सुशीला को नहीं झेलनी पड़ रही। यहां आने वाला हर मरीज इसी समस्या से दो-चार होता है। जब केंद्र में प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिल पाती तो पीडि़त मजबूरी में निजी क्लीनिक, जिला अस्पताल जाकर उपचार कराते हैं। चिकित्सकों की इसी मनमानी का भार जिला अस्पताल पर पड़ता है।

2014 में शहारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्लम एरिया में लोगों को चिकित्सा प्रदान करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए टिकुरिया टोला में पानी की टंकी के पास कसौंधन धर्मशाला में वर्ष 2014 में शहारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया। वहां ओपीडी का संचालन रोजाना दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक किया जाना है।

जब से खुला है, तब से ऐसी ही स्थिति

लोगों ने बताया कि यह केंद्र जब से खुला है, तब से ऐसी ही स्थिति रहती है। यह पहली बार नहीं जब ड्यूटी टाइम में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम सहित अन्य कर्मचारी गायब हैं। ऐसे मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता। सवाल है, जब शहरी केंद्र के ये हालात हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

जिला अस्पताल में लापरवाही का भार
स्वास्थ्य महकमे के रिकॉर्ड की माने तो स्टाफ के नियमित मौजूद नहीं रहने के बाद भी टिकुरिया टोला स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 30 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। स्टाफ यदि रोजाना समय पर पहुंचे तो ओपीडी आने वाले पीडि़तों की संख्या बढ़ सकती है। लेकिन स्टाफ की लापरवाही से पीडि़तों को जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल में रोगियों का भार दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। इधर, टिकुरिया टोला शहरी स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की मनमानी का खामियाजा पीडि़तों को भुगतना पड़ रहा। स्लम एरिये में जगह-जगह अंपजीकृत चिकित्सक सक्रिय हैं। पीडि़त मजबूरी में उनके पास इलाज कराने जा रहे। वहां इनकी मजबूरी का फायदा उठाकर इलाज के नाम पर मनमानी फीस वसूली जा रही है।

इनकी थी ड्यूटी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकुरिया टोला में आयुष चिकित्सक डॉ अर्चना गौर, स्टाफ नर्स ज्योति वर्मा सहित आउट सोर्स से तैनात एक सपोर्ट स्टाफ की शनिवार को ड्यूटी थी। लेकिन, चिकित्सक सहित पूरा स्टाफ केंद्र से गायब था। केंद्र में पांच एएनएम भी पदस्थ हैं जिनके बारे में बताया गया कि फील्ड में हैं पर इनका फील्ड में भी पता नहीं था। केंद्र पहुंचने वाले पीडि़त बिना इलाज लौट रहे थे।

केंद्र में स्वीकृत पद
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकुरिया टोला के लिए दो चिकित्सक, 3 स्टाफ नर्स, 2 फार्मासिस्ट, 5 एएनएम, 1 लैब टेक्नीशियन और 1 सहयोगी कर्मचारी का पद स्वीकृत किया है। फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टॉफ नर्स के पद खाली हैं। आयुष महकमे ने डॉ अर्चना गौर की ड्यूटी लगाई है। एलोपैथी के चिकित्सक की पदस्थापना भी हो चुकी है जो सोमवार को ज्वाइन करेंगे।

सवाल-जवाब: सीएमएचओ डॉ विजय आरख से

स्वास्थ्य कें द्र का पूरा स्टाफ गायब है, महिला को इलाज नहीं मिल रहा है?
सीएमएचओ : यह गंभीर लापरवाही है। मैं मीटिंग में व्यस्त हूं, नहीं तो खुद मौके पर आता?

लोगों का कहना है कि स्टॉफ आए दिन गायब रहता है?
सीएमएचओ : सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

पुताई की वजह से केंद्र बंद किया जा सकता है ?
सीएमएचओ : ओपीडी किसी भी स्थिति में बंद नहीं की जा सकती। आपसे जानकारी मिली है। सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

टिकुरिया टोला केंद्र में डॉ अर्चना गौर की ड्यूटी लगाई गई है। शनिवार को ड्यूटी पर नहीं थी, इसकी मुझे कोई सूचना नहीं दी गई। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
डॉ अरुण श्रीवास्तव, जिला आयुष अधिकारी

स्वास्थ्य केन्द्र की सच्चाई
पद स्वीकृत पदस्थापना
चिकित्सक 02 02
स्टाफ नर्स 03 01
फार्मासिस्ट 02 0
एएनएम 5 5
लैब टेक्नी. 01 0
सहयोगी 01 1