
Vijaya Dashmi Maha Parva: ravan dahan program in satna
सतना. अधर्म पर धर्म एवं असत्य पर सत्य की जीत का महापर्व विजयादशमी नगर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। श्रीबिहारी रामलीला समाज के तत्वाधान एवं जिला-पुलिस-नगर निगम प्रशासन के सहयोग से दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम में दशहरा का मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राम-रावण युद्धका मंचन, शानदार आतिशबाजी-रावण के विशालकाय पुतले का दहन हुआ।
इसके बाद प्रभु श्रीराम -जानकी -लक्ष्मण एवं पवन पुत्र हनुमान जी सहित मनोहारी रथ में सवार होकर नगर भ्रमण को निकले एवं विजय जुलूस निर्धारित मार्ग में भ्रमण करता हुआ रात्रि 2 बजे मंदिर श्रीबिहारी जी में समाप्त हुआ। विजय जुलूस का स्वागत सम्पूर्ण नगरवारियों ने प्रभु श्रीराम की आरती -माल्यार्पण के साथ किया एवं विशिष्ट जनों ने शोभायात्रा के साथ चलकर अपनी सहभागिता की।
राम-रावण युद्ध का मनोहारी मंचन
युद्धस्थल पर सर्वप्रथम प्रभुश्रीराम ने अपनी सेना के साथ प्रवेश किया। महंत बृजेन्द्र दुबे एवं व्यास अरुण परौहा द्वारा प्रस्तुत मनोहारी चौपाईयों ने सम्पूर्ण मैदान को राममय कर दिया। मंचन अंतर्गत रावण ने रामादल में भय की स्थिति व्याप्त कर दी। श्रीराम एवं लक्ष्मण के साथ हनुमान , विभीषण, सुग्रीव, अंगद ने रावण को चुनौती दी। राम-रावण की सेनाओं के मध्य संग्राम हुआ। युद्ध गीता के माध्यम से श्रीराम ने सम्पूर्ण विश्व को धर्म का संदेश दिया।
रामलीला के कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय एवं संवादों के साथ सम्पूर्ण मैदान में श्रीराम जयकारों के मध्य श्रीराम ने रावण की नाभि में तीर मारा। रावण को वीरगति प्राप्त होने पश्चात नए आतिशबाज द्वारा शानदार आकाशीय आतिशबाजी प्रस्तुत की गई। युद्ध मैदान में अहंकार के प्रतीत रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। पुतला दहन होने ही सम्पूर्ण स्टेडियम पटाकों की गूंज एवं श्रीराम की जयकारों से गूंज उठा।
Updated on:
20 Oct 2018 01:51 pm
Published on:
20 Oct 2018 01:50 pm
