
Villeger run away from dacoit babuli kaul custody
सतना। मध्यप्रदेश की सतना पुलिस ने उस समय राहत की सांस ली जब धारकुंडी थाना क्षेत्र से अगवा हुआ किसान डकैतों को चकमा देकर खुद पुलिस के पास पहुंच गया है। बताया गया कि शुक्रवार की रात झखौरा निवासी किसान हरसेड स्थित खेत से अगवा हुआ था। इसके बाद दस्यु बबली कोल ने उसके बेटे को फोन कर 25 लाख की फिरौती मांगी थी।
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ था। स्वयं सतना एसपी संतोष सिंह गौर और डीआईजी रीवा रेंज अभिनाश शर्मा किसान की खोज करने के लिए जंगल में उतरे हुए थे। लेकिन कोई बड़ी अनहोनी होने से पहले ही शनिवार की रात किसान डकैतों को चकमा देकर मझगवां थाने पहुंच गया। तब कहीं जाकर पुलिस विभाग के जिम्मेदारों ने राहत की सांस ली।
सोते वक्त भाग निकला जंगल से
डकैतों के चंगुल से छूटे किसान की मानें तो शनिवार की रात मार्कंडेय आश्रम के आसपास डकैत जंगल में सो रहे थे। उनके साथ वह भी सो रहा था। लेकिन उसका इरादा कुछ और ही था। जैसे ही डकैत गहरी निद्रा में सो गए। मैं धीरे-धीरे जंगल से निकलकर सड़क के रास्ते मझगवां थाने पहुंच गया। थाने पहुंचकर पुलिस वालों को पूरी घटना की जानकारी दी। जैसे ही जिम्मेदारों को किसान के थाने पहुंचने की खबर मिली तो सभी वरिष्ठ अधिकारी मझगवां थाने पहुंच गए। जो बारी-बारी से अपहृत किसान से बयान ले रहे है।
अपहृत किसान अभी पुलिस कस्टडी में
अपहृत किसान अभी पुलिस कस्टडी में है। पुलिस पूछताछ कर रहीं है जिससे डकैतों के बारे में भी पुलिस को कुछ अहम सुराग मिल सकते है दस्यु सरगना बबली कोल ने शुक्रवार की रात वारदात को अंजाम दिया था शनिवार की सुबह फिरौती के 25 लाख रुपये मांगे जाने से इलाके में हडकंप मच गया था सतना एसपी ने कई टीमें गठित कर अपहृत की तलाश शुरू कर दी थी और सात थानों की पुलिस को जंगल में उतार दिया गया था।
ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक धारकुण्डी थाना अंतर्गत झखौरा निवासी लालमन चौधरी (56) उर्फ अब्दुल रहमान पुत्र विश्वा चौधरी का अपहरण शुक्रवार की रात हुआ था। लल्लू झखौरा से डेढ़ किमी दूर जंगल से लगे हरसेड़ गांव के खेत में सोने गया था। यहां से देर रात डकैतों ने उसे अगवा कर लिया। अपहृत के बेटे के पास फोन कर डकैतोंं ने २५ लाख रुपए की फिरौती मांगी है। अपहृत के बेटे की रिपोर्ट पर मुकदमा कायम करते हुए तलाश की जा रही है। लल्लू को अगवा करने के बाद डकैतों ने उसके छोटे बेटे को फोन किया, जिसमें लल्लू की बात कराई। लल्लू ने ही 25 लाख रुपए फिरौती की बात बेटे को बताई। इसके बाद एक बार फिर फोन आया, जिसमें बात करने वाले ने खुद को साढ़े पांच लाख का इनामी डकै त बबुली कोल बताया और यह कहा कि पैसा नहीं मिला तो उसके पिता को गोली मार देंगे।
अपनाया था इस्लाम
पुलिस सूत्रों का कहना है कि करीब पांच साल पहले लल्लू ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। इसके बाद उसने ट्रैक्टर खरीदा, खेत में बोर कराते हुए अहरी बनाई और वहीं खेती करते हुए झखौरा में पक्का घर बना लिया था। फिलहाल उसकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। वह अक्सर रात में खेत की अहरी में सोने आता था।
कई दिनों से घूम रहे थे डकैत
दस्यु उन्मूलन अभियान में जुटे सूत्रों का कहना है कि बबली कोल और उसके साथी लवलेश का मूवमेंट कुछ दिन पहले थरपहाड़ और आस-पास के इलाकों में रहा है। इसकी भनक लगने पर भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दूसरी ओर मुखबिर तंत्र कमजोर होने से पुलिस के पास सटीक सूचना नहीं पहुंची। अब जब वारदात हुई तो भारी पुलिस बल जंगल में उतारा गया है। इसके साथ ही पुराने अनुभवी अफसर और कर्मचारियों को भी डकै तों की तलाश में भेजा गया है।
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
Published on:
5 Aug 2018, 3:49 PM IST
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़




