
Vyapam scam: sub engineer result of disputes in satna madhya pradesh
सतना। भाजपा कार्यकाल में विवादों से घिरा रहा व्यापमं अब उपयंत्रियों का परिणाम घोषित करने के साथ फिर विवादों में आ गया। इस बार 25 फीसदी के लगभग उत्तरों को आउट ऑफ सिलेबस बताकर कैंसिल किए जाने से व्यापमं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि क्या व्यापमं के पेपर सेटर को सिलेबस नहीं दिया जाता है या फिर मनमानी प्रश्न बनाकर दे दिए जाते हैं। जितनी अधिक संख्या में प्रश्नों के उत्तर कैंसिल किए गए हैं, यह कोई सामान्य घटना नहीं है। अब इसकी जांच की मांग सरकार से की गई है।
सितंबर 2018 में उपयंत्री, मानचित्रकार और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए व्यापमं ने परीक्षा आयोजित की थी। यह परीक्षा 1, 2 और 4 सितंबर को हुई थी। इसका परिणाम विगत दिवस घोषित किया गया। परिणाम के साथ ही इसकी अंतिम उत्तर कुंजी (फाइनल आंसर शीट) भी जारी की गई। इसमें इस परीक्षा में आपत्तिजनक माने गए 105 प्रश्नों के विचार के बाद कैंसिल किए गए मॉडल आंसर का ब्यौरा दिया गया है। यह काफी चौंकाने वाला बताया गया है।
टेक्निकल प्रश्न सर्वाधिक रद्द
बताया गया, यह परीक्षा दो हिस्सों में होती है। एक हिस्सा सामान्य तथा दूसरा टेक्निकल का होता है। ज्यादा स्कोरिंग टेक्निकल हिस्से से ही होती है, क्योंकि सामान्य के उत्तर ज्यादातर लोगों द्वारा हल कर लिए जाते हैं। इस बार जो उत्तर डिलीट किए गए हैं उसमें ज्यादातर टेक्निकल के हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों ने बताया कि इससे परीक्षार्थियों की मेरिट प्रभावित होती है। क्योंकि, जो प्रणाली कैंसिल करने के बाद अतिरिक्त अंक देने की है, उसमें ज्यादा नंबर वाले को ज्यादा लाभ मिल जाता है और कम नंबर वाले को कम। लेकिन जरूरी नहीं कि जो आंसर कैंसिल किए गए हैं, अगर किसी ने ये सभी सही किए हैं और अन्य सामान्य के उत्तर उसके कमजोर रहे हैं तो ऐसे में उसका नुकसान होगा।
बाहर के सवाल कैसे दे रहा व्यापमं
सवाल यह खड़ा किया गया कि जब इसका प्रश्न बैंक तैयार करने के लिए जिन विशेषज्ञों को रखा गया है वे भी अयोग्य है। अन्यथा इतनी ज्यादा संख्या में आउट आफ सिलेबस प्रश्न कैसे आ रहे हैं? यह भी सवाल खड़ा किया गया कि कहीं यह सोची समझी साजिश का हिस्सा तो नहीं है? बहरहाल हकीकत तो जांच के बाद सामने आएगी लेकिन इतनी ज्यादा संख्या में उत्तर कैंसिल होना अपने आप में सवाल खड़े कर गया है।
इस तरह निरस्त हुए उत्तर
अभ्यर्थियों ने बताया, ऑनलाइन होने वाली परीक्षा के तुरंत बाद मॉडल आंसर के आधार पर अभ्यर्थी को मिले नंबर की जानकारी मिल जाती थी। इस आधार पर अभ्यर्थी अपनी सफलता का आकलन कर चुके थे। लेकिन, कुंजी समिति की बैठक के बाद जो अंतिम उत्तर जारी किए गए हैं वे काफी चौंकाने वाले हैं। 2 सितंबर को सेकंड शिफ्ट में हुई परीक्षा के 21 जवाब कैंसिल किए गए, जिसमें से 17 को आउट आफ सिलेबस बताया गया है। इसी तरह से 4 सितंबर की पहली शिफ्ट में 26 और दूसरी शिफ्ट में 8 सवाल डिलीट किए गए हैं।
पिछली बार भी व्यापमं में काफी संख्या में आउट आफ सिलेबस प्रश्न आए और इस बार भी। बाद में उन्हें कैंसिल कर दिया गया। आखिर व्यापमं के जिम्मेदार क्यों आउट आफ सिलेबस प्रश्न स्वीकार कर रहे हैं या अयोग्यों को प्रश्र बैंक सेट करने का काम दिया गया है? इसकी जांच होनी चाहिए।
राजवीर सिंह, अभ्यर्थी
Published on:
15 Jan 2019 01:08 pm
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