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एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

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सतना

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Sajal Gupta

Apr 17, 2018

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।

एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

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एमपी के इस रेलवे स्टेशन में चित्रकारों ने दिखाया हुनर, देखें इन तस्वीरों में

सतना. यदि आपकी दिलचस्पी लोक कलाओं में है तो आपने सतना स्टेशन में एक नई अनुभूति पाई होगी। यहां की दिवारें महाराष्ट्र की शान कही जाने वाली वरली चित्रकला से सजाई गई है। तेजी से आधुनिक हो रहे सतना जंक्शन में पारम्परिक चित्रकला का यह तड़का परिसर की सुंदरता में चार-चांद लगाने के साथ ही लोककला को सहेजने का भी प्लेटफार्म बन गया है। पेंटिंग का काम जबलपुर के कलाकारों से कराया गया।