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चित्रकूट में मौसम का कहर, आसमान से गिरे बर्फ के गोले

फसलें हुई पूरी तरह चौपट कई वाहनों के कांच टूटे घरों की खपरैल को भी नुकसान बिन मौसम आफत की बारिश

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Weather havoc in Chitrakoot, hail fell from the sky

Weather havoc in Chitrakoot, hail fell from the sky

सतना. बिन मौसम पांच दिन से हो रही रिमझिम बारिश शुक्रवार को किसानों पर कहर बन कर टूटी। दोपहर लगभग ढाई बजे मौसम ने अचानक रंग बदला और तेज हवा के साथ जिले की पांच तहसीलों में तेज बारिश दर्ज की गई। इस दौरान यूपी से लगे चित्रकूट के एक दर्जन गांवों में बारिश के साथ जमकर ओले बरसे। कामता सहित आसपास के गांवों में 15 मिनट तक 200 से 250 ग्राम के ओले गिरे।बिन मौसम आसमानी से बरसी आफत में देखते ही देखते खेतों में खड़ी फसल चौपट हो गई। तोज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों के साथ घरों के भी भारी नुकसान हुआ है। गांवों में आफत की बारिश से जनजीवन बुरी तहर प्रभावित हुआ। ओलावृष्टि से देखते ही देखते सड़क से लेकर खेतों तक बर्फ बिछ गई। आसमान से बरसे बर्फ के गोलों से सड़क में खड़े वाहनों के कांच टूट गए। वहीं कच्चे मकानों की खपरैल तहस- नहस हो गई। ग्रामीणों ने बातया की 20 मिनट की बारिश ने फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया।

कलेक्टर ने दिये सर्वे के निर्देश
चित्रकूट क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि से फसल नुकसान की सूचना मिलने ही कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तत्काल मैदानी अमले को प्रभावित गाव भेज कर नजरी आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार चित्रकूट ने बताया कि दोपहर बाद ढाई बजे के लगभग ओलावृष्टि शुरू हुई जो 15 मिनट तक जारी रही। ओलों का आकार काफी बड़ा था। पटवारियों को मौके पर तत्काल नुकसान के आकलन के लिये भेजा गया है। अभी जो प्राथमिक रिपोर्ट आई है उसके अनुसार कामता पश्चिमी क्षेत्र (कामतन पुरवा) में फसल को 100 फीसदी नुकसान होना बताया गया है तो नयागांव में 50 से 70 फीसदी नुकसान होना सामने आया है। वास्तविक नुकसान धूप खिलने के एक दिन बाद सामने आएगा।

पशु पक्षी भी घायल
क्षेत्र में ओलावृष्टि से पशु पक्षियों के घायल होने की खबर है। पत्थरों की मार से सैकड़ों बंदर घायल हो गए। अचानक आसमान से बरसी आफत के कारण खेतों में काम कर रहे लोगों को बारिश के साथ ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ी।