18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुकुंदपुर टाइगर सफारी में जल्द दहाड़ेंगे बिलासपुर के बब्बर शेर, इस तरह भेजा गया मसौदा

नर-मादा एशियाटिक लॉयन देने को राजी कानन पेंडारी जू, 15 नवंबर को सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास भेजा मसौदा

2 min read
Google source verification
Dying wild creatures in white tiger safari

Dying wild creatures in white tiger safari

सतना। दुनिया की पहली ओपन व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू मुकुंदपुर में जल्द ही बब्बर शेर की दहाड़ भी सुनाई देगी। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नए साल के आगमन से पहले जू में नर व मादा एशियाटिक लॉयन के रूप में नए मेहमान यहां आएंगे। इस दिशा में वन मंडल सतना व जू प्रबंधन ने कोशिश तेज कर दी है।

बताया गया, मुकुंदपुर के लिए बिलासपुर के कानन पेंडारी जू से वयस्क बब्बर शेर व शेरनी की मांग की गई थी। वन मंडल के अधिकारियों के अनुसार कानन पेंडारी जू प्रबंधन शेर देने के लिए राजी भी हो चुका है।

शेर लाने के लिए औपचारिकताएं पूरी

अब सिर्फ सेंट्रल जू अथॉरिटी की अनुमति का इंतजार है। कानन पेंडारी से शेर लाने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुकुंदपुर जू प्रबंधन ने 15 नवम्बर को सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास मसौदा भेजते हुए अनुमति के लिए पत्र लिखा है। जू प्रबंधन को भरोसा है कि एक-डेढ़ माह के भीतर मुकुंदपुर सफारी को बब्बर शेर की सौगात मिल जाएगी।

पर्यटकों में जू के लिए आकर्षण बढ़ेगा

पूर्व में की गई कोशिशों के बावजूद बब्बर शेर लाने में नाकाम रहे जू प्रबंधन इस बार कोई चूक नहीं करना चाहता। शेरों के लिए बाड़ा भी पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि जू में दो सफेद व दो बाघ सहित 6 प्रजातियों के बड़े जीव मौजूद हैं। शेर आने के बाद पर्यटकों में जू के लिए आकर्षण बढ़ेगा।

बढ़ेंगे पर्यटक, राजस्व में होगा इजाफा
मुकुंदपुर सफारी एंड जू में बब्बर शेर आने से पर्यटकों व राजस्व में इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है। जू अधिकारियों के अनुसार बब्बर शेर का आकर्षण अन्य वन्य जीवों से कहीं ज्यादा होता है। बाड़े में एक साथ शेर-शेरनी को देख रोमांचित होने जू में पर्यटकों की लाइन लग जाएगी।

तीन प्रजातियों के 15 हिरण मौजूद

जू प्रबंधन की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016-17 में 3 लाख 15 हजार 515 पर्यटक सफेद बाघों व अन्य जीवों का दीदार करने पहुंचे थे। उनसे बतौर टिकट, वाहन, पार्किंग एक करोड़ 38 लाख 7 हजार 672 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वर्तमान में जू में 2 व्हाइट टाइगर, 2 येलो टाइगर, 2 तेंदुआ, 2 भालू, 2 जंगली swine सहित तीन प्रजातियों के 15 हिरण मौजूद हैं।

एक ही बाड़े में रहेंगे शेर-शेरनी
जू प्रबंधन के अनुसार, बिलासपुर से आने वाले नर व मादा शेरों को एक ही बाड़े में रखा जाएगा। बाड़े को शेर के माहौल के हिसाब से विकसित किया गया है। बाघों के उलट नर-मादा शेर एक साथ ही रहेंगे क्योंकि वे कानन पिंडारी में भी एक ही बाड़े में रहते हैं। जू प्रबंधन को भरोसा है कि यहां आकर बब्बर शेर जल्द ही माहौल में ढल जाएंगे।

पहले भी हो चुकी है कवायद
महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइर सफारी एंड जू में बब्बर शेर लाने की कवायद नई नहीं है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत से बाघों के साथ ही शेर लाने की कोशिशें की गई थीं जो परवान नहीं चढ़ पाईं। वन मंडल सतना ने गुजरात, यूपी व बिहार से बब्बर शेर लाने के लिए खूब पत्राचार किए थे लेकिन हर बार अलग-अलग वजहों से पेंच फंसती गई। वन मंडलाधिकारी राजीव मिश्रा का कहना है कि इस बार पूरी तैयारी कर ली है। शेरों के लिए बाड़ा भी तैयार हो चुका है।

मुकुंदपुर में एक नर-मादा बब्बर शेर लाने के लिए कानन पेंडारी जू बिलासपुर से बात फाइनल हो चुकी है। सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति लेने के लिए पत्र भी भेज दिया गया है। एक से डेढ़ माह के भीतर शेर आने की उम्मीद है।
राजीव मिश्रा, डीएफओ सतना