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WORLD DISABLED DAY : सरकारी बैशाखी के सहारे घिसट रही 25 हजार दिव्यांगों की जिंदगी

सामाजिक न्याय विभाग ने एक साल में 185 दिव्यांगों को बांटे 24 लाख रूपए के उपकरण
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सतना

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Sukhendra Mishra

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Updated: 4 Dec 2022, 1:19 AM IST

WORLD DISABLED DAY

ट्राइसिकल ने आसान किया जिंदगी का सफर

सतना। जिले में सौ-दो सौ नहीं साढ़े चौविस हजार दिव्यांग ऐसे हैं, जिनकी जिंदगी सरकारी बैशाखी के सहारे घिसट रही है। दिव्यांगों का जीवन स्तर सुधारने एवं उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार कई योजनाएं चला रहा है। लेकिन यह योजनाएं दिव्यांगजनों की समस्याओं एवं आवश्यकता के आगे ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। दिव्यांगो को पैसे के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े इसके लिए सरकार सभी प्रकार के दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। जिले के 24269 दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ ले रहे है। इससे दिव्यांगों परिजनों पर निर्भरता कुछ कम हुई है। लेकिन दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन सहीं तरीके से न होने के कारण दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं का लाभ पाने सरकारी दफ्तरों की सीढि़यां चढ़ने को मजबूर है।

ट्राइसिकल ने आसान किया जिंदगी का सफर
सामाजिक न्याय एवं जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र द्वारा दिव्यांगों के पुनर्वास के लिए चलाई जा रही योजनाओं से दिव्यांगों के जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है। चलने में असमर्थ दिव्यांगों को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ट्राइसिकल पूरी तहर दूसरों पर आश्रित दिव्यांगजानों का सहारा बनी है।दिव्यांगों को बांटी जा रही मोटराइज ट्राइसिकल उनके लिए बर्दान सावित हो रही है। इससे न सिर्फ दिव्यांगों के जिंदगी का सफर आसान हुआ है बल्कि वह इसके द्वारा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है। अब तक जिले के एक हजार दिव्यांगों को विभाग द्वारा ट्राइसिकल उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उपकरण बने सहारा
विकलांगता वह अभिशाप है जो लोगों को समाज से अलग कर देता है। उनका जीवन दूसरों की दया पर टिका होता है। लेकिन सरकार द्वारा दिव्यांगजनों का जीवन स्तर सुधरने जो प्रयास किए जा रहे हैं। उनमं दिव्यांगों को वितरित किए जाने वाले उपकरण उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बने हैं। दिव्यांगों को जरुरत के हिसाब से सामाजिक न्याय विभाग कृतिम अंग से लेकर उपकरण उपलब्ध करा रहा है। दिव्यांगों को विभाग द्वारा हर साल 50 लाख रूपए से अधिक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें व्हील चेयर,श्रवण यंत्र के लेकर मोटराइज ट्राइसिकल तक शामिल है।

दिव्यांगों का घर बसा रही सरकार
दिव्यांगों का जीवन स्तर सुधारने के साथ उनका घर बसाने की योजना भी शुरू की है।इसके लिए सरकार द्वारा निशक्तजन विवाह सहायता योजना शुरू की गई है। यदि कोई सामान्य व्यक्ति किसी दिव्यांग से शादी करता है तो उसे सरकार एक लाख रूपए की तथा यदि शादी करने वाले जोड़े में से दोनों दिव्यांग है तो सरकार उन्हें घर बसाने के लिए दो लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करती है।