
30 workers of MP-Rajasthan brought bus fare from Tamil Nadu for 2.5 lakh rupees, Sawaimadhopur administration oblivious
-मध्यप्रदेश से शुक्रवार रात को बस खण्डार आई, एमपी पुलिस ने की पुष्टि
-श्योपुर के विजयपुर-वीरपुर क्षेत्र के 15 मजदूरों को बस ने वहां छोड़ा
-राजस्थान रवाना हुई, लेकिन पाली ब्रिज बने नाके पर नहीं कोई सूचना
सवाईमाधोपुर. राज्य सरकार ने अन्तराज्यीय सीमाएं सील कर रखी हैं और अनुमतधारी वाहनों को आने-जाने की सुविधा है, लेकिन श्योपुर और राजस्थान के खंडार क्षेत्र के 30 मजदूर तमिलनाडु से ढाई लाख रुपए में किराए से बस लेकर शुक्रवार देर रात डेढ बजे श्योपुर पहुंचे।
विशेष बात ये है कि इनमें से श्योपुर जिले के 15 मजदूरों को ये बस श्योपुर छोड़कर रात करीब दो बजे बाद राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले के खण्डार में पहुंची। बस में सवार मजदूर खण्डार, करणपुर, मेई, झोंपड़ी व कुरेड़ी क्षेत्र के बताए, लेकिन पाली ब्रिज पर तैनात पुलिस व प्रशासन को ना तो बस आने की खबर हुई और ना ही बस से श्रमिकों के बारेे में कोई सूचना थी। पत्रिका ने शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे जब प्रशासन को अवगत कराया तो हड़कम्प मच गया। मध्यप्रदेश व राजस्थान की सीमा के बीच चम्बल पर बने पाली ब्रिज पर दोनों राज्यों की अस्थायी पुलिस चौकी भी बनी हुई है। मजे बात ये है कि मध्यप्रदेश पुलिस चौकी तो रात दो बजे श्रमिकों की बस को खण्डार के लिए रवाना होने की पुष्टि कर रही है। बकायदा उन्होंने बस का नम्बर भी इन्द्राज किया, लेकिन राजस्थान पुलिस चौकी पर इसकी कोई जानकारी ही नहीं थी।
बस से खण्डार आए श्रमिक हरिमोहन जाट ने बताया कि उनकी बस को एमपी पुलिस ने रोका व नम्बर नोट किए थे, लेकिन राजस्थान बोर्डर पर इतना पूछा कहां जा रहे हो, उन्होंने कहा खण्डार। इतना कहकर बस को जाने दिया। उनके ना तो नम्बर नोट किए और ना ही और कोई पूछताछ की गई। ना ही नाम पता व मोबाइल नम्बर लिखा गया।
बस का ई-पास बनवाया था
तमिलनाडु के तिरुचिनापल्ली में श्योपुर के 15 और राजस्थान के खंडार क्षेत्र 15 कुल 30 मजदूर लॉकडाउन के चलते फंसे हुए थे। ये लोग वहां मार्बल-टाइल्स लगाने का कार्य कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन से काम बंद हुआ तो परेशानी आने लगी। यही वजह रही कि इन लोगों ने रुपए एकत्रित किए और ढाई लाख रुपए में किराए से बस बुक कर ई-पास बनवाकर शुक्रवार को रवाना हुए।
बस से 2245 किलोमीटर का सफर तय किया
तिरुचिनापल्ली से श्योपुर तक 2245 किलोमीटर का सफर तय कर शनिवार को ये बस श्योपुर पहुंची। लेकिन बस श्योपुर के 15 मजदूरों को सलापुरा नहर पर छोड़कर खंडार के लिए रवाना हो गई। इसके बाद ये मजदूर जिला अस्पताल पहुंचे और स्क्रीनिंग कराई, जहां जांच के बाद इन्हें होम क्वारंटीन के लिए कह दिया गया। चूंकि श्योपुर के सभी मजदूर विजयपुर-वीरपुर क्षेत्र के थे, लिहाजा वे अपने गांव पहुंचने के लिए साधन ढूंढने लगे
वर्जन....
हम लॉकडाउन से तमिलनाडु में फंसे हुए थे, जो कमाया वो खर्च हो रहा था, लिहाजा किसी ने आठ हजार दिए तो किसी ने साढ़े आठ हजार दिए और ढाई लाख में बस किराए पर लेकर आए हैं। हम 30 लोग हैं, जिनमें 15 यहां के हैं, जबकि 15 राजस्थान के खंडार क्षेत्र के थे। खण्डार के श्रमिक भी तड़के तीन बजे खण्डार पहुंच गए। उनमें से हल्लू नाम के व्यक्ति से सुबह फोन पर पहुंचने को लेकर बात भी हुई।
गिर्राज गौड़,
प्रवासी श्रमिक, ओछापुरा
केप्शन- तमिलनाडु से बस में आए प्रवासी श्रमिक।
रात दो बजे निकली बस...
तमिलनाडु से मजदूरों को लेकर आई बस हमारे यहां से शुक्रवार रात 2 बजे राजस्थान के खण्डार के लिए निकली है, इसमें खण्डार क्षेत्र के 15 मजदूर थे।
ब्रजराज सिंह यादव, चौकी प्रभारी,
पुलिस चौकी सामरसा(मप्र)
बस की जानकारी नहीं...
बस आने के बारे में मेरी जानकारी में नहीं है। तमिलनाडु-कर्नाटक साइड से 30-40 आदमी जरूर आए हैं। उनकी स्क्रीनिंग करवाई गई है और उनको होम कवारेंटाइन किया गया है।
भगवत सिंह, चौकी प्रभारी,
बहरावण्डा खुर्द
मुझे जानकारी नहीं है...
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। ना ही कोई सूचना मिली है।
देवी सिंह, तहसीलदार, खण्डार
Published on:
17 May 2020 02:57 pm
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
