7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रणथम्भौर की आमाघाटी में आखिर सात दिन बाद मां से मिले शावक ,शावकों की भूख शांत कर जंगल की ओर लौटी बाघिन,शावकों के पास आई लाइटनिंग, पिलाया दूध

रणथम्भौर की आमाघाटी में आखिर सात दिन बाद मां से मिले शावक ,शावकों की भूख शांत कर जंगल की ओर लौटी बाघिन,शावकों के पास आई लाइटनिंग, पिलाया दूध

2 min read
Google source verification
 बाघिन लाइटनिंग

बाघिन लाइटनिंग

सवाईमाधोपुर. पिछले छह दिनों से मां के दूध के बिना भूख प्यास से खेत में तड़प रहे बाघिन लाइटनिंग के शावकों को आखिरकार मां का दूध नसीब हो गया। बाघिन शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रणथम्भौर रोड स्थित खेत व बगीचे की ओर आ गई थी, लेकिन बाघिन के पीछे- पीछे वहां बाघ टी-95 के आने से उस समय बाघिन शावकों के पास नहीं जा सकी थी। बाघिन बगीचे के आस-पास के क्षेत्र में विचरण कर रही थी। इसके बाद बाघिन रविवार शाम करीब पांच बजे फिर से खेत की ओर आई और शावकों के पास पहुंची। करीब सात दिनों से मां से बिछड़े शावकों ने मां के वापस आने से राहत की सांस ली।


अकेला छोड़ा शावकों को : आम तौर पर बाघिन शावकों के जन्म के बाद कभी अकेला नहीं छोड़ती है, लेकिन बाघिन के साथ बाघ का विचरण होने के कारण बाघिन ने शावकों की सुरक्षा के लिए शावकों को खेत में अकेला छोड़ दिया।


सुबह चार बजे आमाघाटी की ओर गई बाघिन
वनकर्मियों ने बताया कि बाघिन शाम को पांच बजे शावकों के पास आने के बाद रात भर खेत में शावकों के साथ ही रही। बाघिन ने शावकों को दूघ पिलाया। इसके बाद सुबह करीब चार बजे खेत से निकलकर फिर से जंगल की ओर चली गई।


निगरानी के लिए लगाए वनकर्मी
बाघिन द्वारा शावकों के पास लौटने से वन विभाग को राहत मिली है। लेकिन विभागीय अधिकारी शावकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। बाघिन के वापस जंगल में चले जाने के बाद वन विभाग ने शावकों की निगरानी व ट्रेकिंग के लिए वनकर्मी नियुक्त कर दिए हैं। वहीं एक टीम द्वारा बाघ टी-95 व लाइटनिंग की लगातार ट्रेकिंग की जा रही है।


आमाघाटी में मिले बाघिन व टी-95 के पगमार्क
बाघिन के शावकों के पास लौटने पर सुबह करीब तीन बजे बाघ टी-95 वापस खेत के पास आया। इसके बाद बाघिन सुबह करीब चार बजे आमाघाटी की ओर चली गई। इस समय लाइटनिंग व बाघ टी-95 आमाघाटी वन क्षेत्र में साथ- साथ विचरण कर रहे हैं।


बाघिन शनिवार शाम को शावकों के पास लौट आई थी। रात भर शावकों के साथ ही रही। शावकों को दूध पिलाया। फिर सुबह वापस जंगल की ओर चली गई। शावकों व बाघिन की ट्रेकिंग की जा रही है।
वाई के साहू, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग