3 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छात्र संघ में फूट, बिना अनुमति हुआ कार्यक्रम

यहां राजकीय महाविद्यालय में सोमवार को कॉलेज प्रशासन की अनुमति के बिना ही छात्रसंघ उद्घाटन व शपथ ग्रहण समारोह हुआ। उद्घाटन समारोह में छात्रसंघ दो धड़ों में बंटा नजर आया।

less than 1 minute read
Google source verification

टोंक

image

Abhishek Ojha

Jan 31, 2017

यहां राजकीय महाविद्यालय में सोमवार को कॉलेज प्रशासन की अनुमति के बिना ही छात्रसंघ उद्घाटन व शपथ ग्रहण समारोह हुआ। उद्घाटन समारोह में छात्रसंघ दो धड़ों में बंटा नजर आया।

इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री नमोनारायण मीणा व पूर्व मंत्री अशोक बैरवा ने प्राचार्य कक्ष में ही फीता काटकर छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ कार्यालय के ताला लगा हुआ था।

इससे पूर्व अतिथियों ने अध्यक्ष व संयुक्त संचिव को शपथ दिलाई। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। इस दौरान मुख्य अतिथि मीणा ने कहा कि छात्र-छात्राओं को इस प्रकार की ओछी राजनीति से दूर रहकर पढ़ाई में ध्यान देने की जरूरत है। अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री बैरवा ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चंें पर विफल हो रही हैं।

इससे बौखलाकर छात्रों को लड़ाने की राजनीति कर रही है। विशिष्ट अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवचरण बैरवा, प्रधान मनोरमा शुक्ला, संजय बोहरा आदि ने विचारा व्यक्त किए।इसमें कांग्रेस जिला महामंत्री गोविंद शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष चतर सिंह, रमेश कांकोरियां, आरडी चौधरी, निरंजन मथुरिया आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अशोक बैरवा ने मंच संचालन किया।

उपाध्यक्ष-महासचिव नहीं हुए शामिल: छात्रसंघ उद्घाटन समारोह मे छात्र संघ उपाध्यक्ष प्रिया मथुरिया व महासचिव दीपक गोयल ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। वे दोनों कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इस दौरान दिनभर कॉलेज परिसर पुलिस छावनी बना रहा। पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

रात में ही हटा दिए टेंट व स्टेज

छात्रसंघ अध्यक्ष प्रियंका बैरवा व संयुक्त सचिव धीरज शर्माने बताया कि उनकी आर से कार्यक्रम की तैयारियां एक दिन पूर्व ही पूरी कर ली गई थी, लेकिन रविवार रात को विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के समीप बनाए गए पाण्डाल व टैंट को हटा दिया था। इससे अव्यवस्था हुई। बाद में सोमवार दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में टैंट आदि लगाए गए।