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सवाई माधोपुर

रणथम्भौर से बुरी खबर आई सामने बाघिन टी-79 के शावक की मौत

फलौदी रेंज का मामला

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर से मंगलवार को एक बार फिर से एक बुरी खबर सामने आई है। रणथम्भौर की फलौदी रेंज में एक बाघिन के शावक का शव मिला है। वन विभाग से मिली जानकारीके अनुसार शावक के शव की पहचान बाघिन टी-79 के शावक के रूप में हुई है। शावक की उम्र करीब ढाई साल बताई जा रही है। यह बाघिन टी-79 के तीसरे लिटर की संतान है। वन अधिकारियों ने बताया कि फलौदी रेंज के भैरूपुरा नाका वन क्षेत्र में वन विभाग की टीम को सवाई गंज के आगे कुण्डली नदी के बीहड क्षेत्र के बादलगंज क्षेत्र में शावक कमजोर अवस्था में नजर आया। इस संबंध में वनकर्मियों द्वारा वन अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद सूचना पर वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. सीपी मीणा मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुशु चिकित्सकों ने वनकर्मियों के साथ शावक की मॉनिटरिंग करना शुरू किया लेकिन इससे पहले कि वन विभाग की टीम और चिकित्सक शावक के उपचार के कोई कदम उठाते उससे पहले हीशावक निडाल होकर गिर गया। इसके बाद चिकित्सकों ने शावक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने शावक के शव को शहर स्थित राजबाग नाके लाया गया। जहां पर वन विभाग,प्रशासनिक व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में शावक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

काफी कमजोर था शावक
वन अधिकारियों ने बताया किसुबह गश्त के दौरान वनकर्मियों को शावक काफी कमजोर अवस्था में नजर आया था और शावकको चलनेफिरने में भी परेशानी होरही थी। ऐसेमें प्रथसम दृष्टया शावक की मौत का कारण शारीरिक दुर्बलता को माना जा रहा है। हालांकि मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही हो सकेगा।

मां को टै्रक करने में जुटा वन विभाग
शावक की मौत के बाद अब वन विभाग की ओर से जिस इलाके में शावक का शव मिला है,वहां से पांच किमी के क्षेत्र में बाघिन को टे्रस करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से टीम को तैनात किया गया है। हालांकिअब तक विभाग की टीम को बाघिन कोटे्रस करने में सफलता नहीं मिल सकी है। वहीं इस क्षेत्र में शावक का शव मिला है वह क्षेत्र वन क्षेत्र से डेढ़ किमी दूर बताया जा रहा है।

चार में से तीन शावकों की हो चुकी है मौत
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन टी-79 नेअब तक चार शावकों को जन्म दिया है जिनमें से दो शावकों की मौत हो चुकी है और एक शावक लम्बे समय से लापता है जबकि एक फीमेल शावक का विचरण फलौदी रेंज में बना हुआहै।इससे पहले अप्रेल 2018 में फलौदी रेंज के आवण्ड वन क्षेत्र में दो शावकों के शव मिले थे। तब शावकों की मौत जहर से होने कीआशंका भी जातई गई थी।

इनका कहना है…
मंगलवार सुबह गश्त के दौरान बाघिन टी-79 का एक शावक कमजोर हालतमें नजर आया था। सूचनास परवन विभाग की टीम चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंची थी लेकिन चिकित्सकों के उपचार करने से पूर्व ही शावक की मौत हो गई। शावक का पोस्टमार्टम करा कर अंतिम संस्कार कर दिया गयाहै। मौतके कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
– मोहित गुप्ता, उपवन संरक्षक, रणथम्भौरबाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।