22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारी बारिश के बाद टूटी पुलिया बनी मुसीबत, लोगों के सामने आया रोजी-रोटी का संकट

क्षतिग्रस्त पुलिया के चलते यहां रह रहे लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यहां के किसान सब्जियों को बेचने मंडी नहीं जा पा रहे हैं।

2 min read
Google source verification
sawai madhopur news

सवाईमाधोपुर। भारी बारिश के बाद शहर में टूटी राजबाग की पुलिया से अब लोगों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात यह है कि क्षतिग्रस्त पुलिया के चलते यहां रह रहे लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यहां के किसान सब्जियों को बेचने मंडी नहीं जा पा रहे हैं। वहीं यहां संचालित डेयरी फार्म वालों के लिए चारा-पानी का इंतजाम करना भी दूभर हो गया है। लोग बाइक अथवा पैदल ही पानी में होकर रोजमर्रा के सामान लाने-ले जाने का कार्य कर रहे हैं। लोगों ने समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से भी गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक समाधान की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

सब्जियां हो रही खराब, किसानों पर दोहरी मार

सब्जियां पैदा कर जीवन यापन करने वाले किसान रामकल्याण माली ने बताया कि पुलिया टूटने से चौपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। ऐसे में वे और उन जैसे अन्य किसान अपनी सब्जियाें को मंडी में नहीं ले जा पा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही सब्जियां भी खराब हो रही हैं।

पशुओं के चारे का संकट


डेयरी फार्म चला रहे अनिकेत पारीक ने बताया कि टूटी पुलिया के चलते उनके फार्म में रह रहे करीब 50 से अधिक मवेशियों के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। इसके चलते करीब 150 लीटर दूध उनका फार्म से नहीं जा पा रहा है। डेयरी में रह रहे पशुओं को लेकर सभी से गुहार लगा चुके हैं।

पांच दिन से आवागमन बाधित

जिला मुख्यालय पर भारी बारिश के चलते शहर राजबाग की पुलिया 12 सितम्बर को क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से यहां आवागमन पिछले पांच दिन से बाधित है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए लोगों को पैदल ही जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से पुलिया की मरम्मत के साथ एक और वैकल्पित मार्ग बनाने की मांग की है। स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन से गुहार भी लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने अभी तक समस्या के समाधान को लेकर ठोस आश्वासन नहीं दिया है।