सवाईमाधोपुर.रणथम्भौर बाघ परियोजना में एक ओर तो वनविभाग की ओर से पार्क भ्रमण वअन्य कार्यो में पारदर्शिता और नियमों के पालन के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरीओर रणथम्भौर के सीसीएफ पर ही रणथम्भौर में वीआईपी कोटे के तहत करंट ऑनालाइन बुकिं ग में पार्क भ्रमण पर जाने वाले वाहनों को निर्धारित दरों से पार्क भ्रमण पर भेजने के आरोप लग रहे हैं।इस संबंध में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक इन्दौरिया ने सीएम को पत्र लिख कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि फिलहाल वन विभाग की ओर कुछ नहीं कहा जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी मामले में अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर से रणथम्भौर के आला अधिकारी सवालों के घेरे में हैं।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक इन्दौरिया ने सीएम को भेजी शिकायत में लिखा है कि उनके कुछ परिचित मेहमान मार्च माह में रणथम्भौर के एक पांच सितारा होटल में ठहरे हुए थे उन्होंने रणथम्भौर के सीसीएफ सेडूराम यादव से उक्त पर्यटकों को वीआईपी कोटे में जिप्सी उपलब्ध कराने की मांग की थी लेकिन सीसीएफ की ओर से पहले तो हां कर दिया गया बाद में बुकिंग पूरी हो जाने का हवाला देकर सफारी के लिए जिप्सी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने जब सीसीएफ को फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
होटल प्रबंधन के कहने पर उपलब्ध कराई जिप्सी
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष का आरोप है कि जब उनके परिचित मेहमानों को समय पर सुबह की पारी में पार्क भ्रमण के लिए जिप्सी नहीं मिली तो उन्होंने संबंधित होटल प्रबंधन को उनके मेहमानों के लिए जिप्सी उपल्ब्ध कराने का अनुरोध किया तो होटल प्रबंधन की ओर से पर्यटकों की भीड़ अधिक होने का हवाला देकर निर्धारित दरों से अधिक राशि की मांग की गई और होटल प्रबंध की ओर से जिप्सी की बुकिंग कराने पर जिप्सी उपलब्ध हो गई।
50 हजार से अधिक में मिली जिप्सी
रणथम्भौर में वर्तमान में एक भारतीय पर्यटक के जिप्सी के पार्क भ्रमण पर जाने का किराया 1305 रुपए निर्धारित है ऐसे में भारतीय पर्यटकों से जिप्सी से पार्क भ्रमण की एवज में 7830 रुपए लगते है लेकिन राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक इन्दौरिया का आरोप है कि होटल प्रबंधन की ओर से एक जिप्सी की एवज में 49 हजार 800 ाुपए के साथ उक्त राशि पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी वसूल की गई।
इनका कहना है….
मैने रणथम्भौर में वीआईपी कोटे के नाम पर पार्क भ्रमण में हो रही अनियमिताओंं के संबंध में मुख्यमंत्री को एक शिकायत की है और मामले की जांच की मांग की है।
– दीपक इन्दौरिया, उपाध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग।