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सवाई माधोपुर

सभापति बैरवा ने संभाला कार्यभार, इन कामों की रहेगी प्राथमिकता

अभी 60 दिन तक है कार्यकाल

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सवाईमाधोपुरण् नगरपरिषद कार्यवाहक सभापति रमेश बैरवा ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता सहित लोग मौजूद रहे।
उन्होंने नगरपरिषद के पार्षद व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बजरिया सिद्धी विनायक गणेश मन्दिर पर पूजा.अर्चना की। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय में पहुंच कर सभापति का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर नगर परिषद के आयुक्त पंकज मीना सहित सभी कर्मचारियों ने नव नियुक्त सभापति रमेश बैरवा को बधाई दी। रमेश चंद बैरवा के कार्यभार ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। कार्यवाहक सभापति बैरवा सहित कार्यकर्ताओं ने कृषि मंत्री डॉण् किरोड़ी लाल मीणा का आभार जताया। कार्यवाहक सभापति बैरवा ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखना अपनी पहली प्राथमिकता रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले राजबाई बैरवा का कार्यकाल 9 नवम्बर को पूरा होगा था लेकिन आचार संहिता के चलते किसी अन्य पार्षद को चार्ज नहीं दिया था। अब 60 दिनों के लिए रमेश चंद बैरवा को कार्यभार सौंपा है। इस दौरान भाजपा पार्षद कपिल जैन, हनुमान माली,जिनेन्द्र शर्मा, रवि चौधरी, देवेन्द्र शर्मा, नीरज मीना,तनवीर अहमद,जिला प्रवक्ता रितेश भारद्वाज, शहर अध्यक्ष श्रीचरण महावर,लालचंद गौतम, प्रीतम चौधरी सहित कई मौजूद थे।
डीएलबी डायरेक्टर ने जारी किए थे आदेश
डीएलबी डायरेक्टर सुरेश कुमार ओला ने गुरूवार शाम को आदेश जारी कर नगर परिषद का कार्यवाहक सभापति नियुक्त किया है। पूर्व में स्थाई सभापति विमलचंद महावर थे लेकिन रिश्वत लेने के प्रकरण में पकड़े जाने के बाद उनको निलंबित कर दिया था। इसके बाद से नगरपरिषद को स्थाई सभापति नहीं मिला। सभापति पद के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षित है। ऐसे में पार्षद रमेशचंद बैरवा को कार्यवाहक सभापति के तौर पर लगाया गया है।
बढ़ती रही 60 दिन की अवधि
नगर परिषद में सभापति का पद लंबे समय से रिक्त रहा है। इसके चलते यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने नौ मई 2023 को वार्ड नंबर 53 से पार्षद राज बाई बैरवा को कार्यवाहक सभापति नियुक्त किया था। दो माह बाद फिर से नगरपरिषद को स्थाई सभापति नहीं मिला तो राजबाई बैरवा को फिर से कार्यवाहक तौर पर सभापति का चार्ज दिया। 60 दिन की अवधि पूरी होने के बाद एक बार फिर राजबाई बैरवा को ही सभापति का कार्यभार सौंपा गया। इसके बाद चुनावी आचार संहिता लग गई। ऐसे में सभापति का कार्यकाल नौ नवम्बर को पूरा हो गया था। इसके बाद से नगरपरिषद में ना तो अस्थाई और ना ही स्थाई सभापति की नियुक्ति हो सकी है।
पत्रिका ने उठाया था मामला
नगरपरिषद में पिछले तीन महीने से सभापति की कुर्सी खाली थी। इसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने इस मुद््दे को प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका ने गत पांच नवम्बर के अंक में प्रकाशित ‘नगपरिषद में तीन महीने से सभापति की कुर्सी खाली, विकास बाधित’ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया था। इसके बाद हरकत में आए अधिकारियों ने आठ नवम्बर को आदेश जारी कर कार्यवाहक सभापति की नियुक्ति की।