सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को रणथम्भौर पार्क भ्रमण के साथ- साथ अन्य पर्यटन विकल्प उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग की ओर से कॉम्बो टिकट जारी करने की योजना बनाई गई थी। इसमें विभाग की ओर से पर्यटकों को रणथम्भौर बाघ परियोजना में पार्क भ्रमण के साथ-साथ राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य मेंं बोटिंग का एक साथ पैकेज में कॉम्बो टिकट जारी किया जाना था। यह योजना एक अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र से शुरू किए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। इसके लिए विभागकी ओर से एक अलग सॉफ्टवेयर विकसित करने की कवायद भी शुरूकी गई थी लेकिन अब तक यह सॉफ्टवेयर विकसित नहीं हो सका है। ऐसे में फिलहाल कॉम्बो टिकट की योजना अटकती नजर आ रही है।
कॉम्बो टिकट से विकसित होता पर्यटन सर्किट
वर्तमान में रणथम्भौर पार्क भ्रमण पर आने वाले अधिकतर पर्यटक केवल जंगल सफारी का ही लुत्फ उठाते हैं। वहीं जो पर्यटक पालीघाट पर नौकायन करने के लिए पहुंचते है उन्हें केवल नौकायन की सुविधा ही प्राप्त हो पाती है। वहीं वन विभाग की ओर से कॉम्बो टिकट जारी करने की योजना यदि शुरू हो जाती तो रणथम्भौर आने वाले पर्यटक टाइगर व वाटर ट्यूरिज्म का एक साथ लुत्फ उठा पाते साथ ही रणथम्भौर के पर्यटन के तार मध्यप्रदेश से जुड़ जाते मध्यप्रदेश से आने वाले पर्यटक भी टाइगर व वाटर ट्यूरिज्म का एक साथ लुत्फ उठा पाते इससे रणथम्भौर से एमपी तक पर्यटन सर्किट विकसित हो जाता।
टिकट काउंटर को लेकर बना रहा असमंजस
वर्तमान में रणथम्भौर पार्क भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को भ्रमण के लिए बोर्डिंग पास शिल्पग्राम स्थित विण्डो से किया जाता है जबकि चंबल में नौकायन के लिए पालीघाट से टिकट जारी किए जाते हैं। ऐसे में अब वन विभाग की ओर से कॉम्बो टिकट काउंटर शुरू करने के लिए जगह के चिह्निनकरण को लेकर मंथन किया गया था हालांकि वन विभाग की ओर से स्थान निश्चित नहीं किया गया है । सूत्रों की माने तो विभाग की ओर से शिल्पग्राम बुकिंग विण्डों के साथ.साथ खण्डार रोड या राजबाग नाके पर भी कॉम्बो टिकट काउंटर शुरू करने पर भी विचार कियागया था लेकिनअभी तकशुरू नहीं हो सका है। हालांकि विभाग की ओर से कॉम्बो टिकट पैकेज का बोर्डिंग पास भी रणथम्भौर की ही तरह शिल्पग्राम स्थित बुकिंग विण्डो से ही जारी करने की संभावना पर भी काम किया गया लेकिन अभी तक यह भी धरातलपर नहींउतर सका है।
ऑनलाइन होनी थी बुकिंग
विभाग की मंशा टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चंबल अभयारण्य के टिकट को भी ऑनलाइन करने की थी। पूर्व में वन विभाग के पीसीसीएफ कीओर से भी गत वर्ष नवम्बर में रणथम्भौर दौरे के दौरान चंबल अभयारण्य के टिकट को भी रणथम्भौर की तर्ज पर ऑनलाइन करने के निर्देश जारी किए थे लेकिन सॉफ्टवेयर विकसित नहीं हो पाने के कारण अब तक चंबल अभयारण्य के टिकट को ऑनलाइन नहीं किया जा सका है। लेकिन अब विभाग की ओर से कॉॅम्बो टिकट बुकिंग को भी ऑनलाइन ही शुरू की जानी थी।
डिस्काउंट की सुविधा देने की थी योजना
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग की ओर से पर्यटकों को लुभाने के लिए कॉम्बो टिकट का पैकेज सिस्टम भी शुरू करने की तैयारी की गई थी। इस दो से तीन दिन के पैकेज में पर्यटक को रणथम्भौर पार्क भ्रमण के साथ.साथ चंबल सफारी का भी अवसर मिलता। साथ ही कॉम्बो टिकट पैकेज लेने वाले पर्यटकों को शुल्क में पांच से दस प्रतिशत की छूट देने की भी योजना थी।
इनका कहना है…
पूर्व में इस तरह की योजना थी लेकिन अब तक हमें इस संबंध में निर्देश नहीं मिले हैं। मुझे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
– पी.काथिरवेल,सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।