सवाईमाधोपुर. जिले के सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा मजाक बनकर रह गई है। एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चो को तकनीकी शिक्षा देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। वहीं दूसरी ओर जिले के दर्जनों स्कूलों में तकनीकी शिक्षा के लिए लगाए गए कम्प्यूटर लैब पर लापरवाही का धूल छाया है। जिले में ज्यादातर स्कूलों में संचालित कम्प्यूटर लैबों में स्थाई शिक्षक नहीं है।
जिले में निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों का तकनीकी ज्ञान बढ़ाने की मंशा से लगाए गए कम्प्यूटर महज शोपीस बन कर रह गए हैं। कहीं बिजली का रोड़ा बना है तो कहीं प्रशिक्षक नहीं तो कहीं इंटरनेट की समस्या बनी है। ऐसे में समुचित व्यवस्था के अभाव में बच्चे कम्प्यूटर का ककहरा तक नहीं सीख पा रहे हैं। ऐसे में कम्प्यूटर विषय में भविष्य बनाने वाले युवाओं की नींव खोखली हो रही है। स्थिति यह है कि इन दिनों स्कूलों में कम्प्यूटर धूल फांक रहे है।
246 स्कूलों में बंद है कम्प्यूटर की कक्षाएं
जिले में पहली से बारहवीं कक्षा तक कुल 1045 स्कूल संचालित है। इनमें से 246 स्कूलों में कम्प्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं हो रही है। इनमें 186 प्रारंभिक व उच्च प्राथमिक व 60 सैकेण्डरी और सीनियर सैकेण्डरी स्कूल शामिल है। इनमें कम्प्यूटर की कक्षाएं संचालित नहीं हो रही है। इन स्कूलों के लिए इंटरनेट की भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
कम्प्यूटर शिक्षा से दूर हो रहे बच्चे
विद्यालयों में बच्चों को मास्साब ने ए फॉर एप्पल तो सीखा दिया लेकिन शिक्षा के बढ़ते स्तर के साथ सी फॉर कम्प्यूटर सिखाने में ढिलाई बरत रहे है। ऐसे में बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा नसीब नहीं हो रही है। कम्प्यूटर क्रांति के इस दौर में भी विद्यार्थी कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित हो रहे है।
कहां-कितने स्कूलों में नहीं है इंटरनेट की सुविधा
ब्लॉक प्रारंभिक माध्यमिक
बामनवास 13 3
बौंली 32 3
चौथकाबरवाड़ा 6 9
गंगापुरसिटी 33 24
खण्डार 57 7
मलारना डूंगर 18 5
सवाईमाधोपुर 27 9
कुल 186 60
इनका कहना है…
जिले में संचालित कम्प्यूटर लैबों की जांच की जाएगी। जिन स्कूलों में कम्प्यूटर है और उपयोग में नहीं आ रहे है तो इनकी रिपोर्ट ली जाएगी। जिले में करीबन साढ़े तीन सौ सरकारी मिडिल स्कूल ऐसे हैं जिनमें कंप्यूटर अनुदेशक है। यहां बालकों की संख्या कम होने के कारण लैब और कंप्यूटर अनुदेशक नहीं है। इन स्कूलों में अनुदेशक नियुक्त करने के लिए सरकार को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
दिनेश गुप्ता, एडीपीसी, समसा, सवाईमाधोपुर