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Good News : राजस्थान में बदलेगी टाइगर रिजर्व की दशा, अब ये होगा नया बदलाव

प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में बाघों व अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक ओर बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने प्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व में विकास कार्य कराने के लिए 19 करोड़ 60 लाख का बजट खर्च के लिए फाउण्डेशन के माध्यम से आवंटित किया है।

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सवाईमाधोपुर. प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में बाघों व अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक ओर बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने प्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व में विकास कार्य कराने के लिए 19 करोड़ 60 लाख का बजट खर्च के लिए फाउण्डेशन के माध्यम से आवंटित किया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बजट से टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ व अन्य जीव संरक्षण के साथ-साथ टाइगर रिजर्व के आसपास बसे गांव के लोगों की आजीविका में वृद्धि करने की दिशा में भी कार्य कराए जाएंगे।


रणथम्भौर को मिले साढ़े 17 करोड़ वन अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व में विकास कार्य करने के लिए सरकार की ओर से रणथम्भौर, सरिस्का व कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए फंड खर्च के लिए अप्रूवड किया गया है। इसमें सबसे अधिक फंड रणथम्भौर को दिया गया है। सरकार की ओर से रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को 17.50 करोड़ रुपए खर्च की अनुमति दी गई है।

सर्विलांस सिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर
वन अधिकारियों की मानें तो सरकार का फोकस टाइगर रिजर्व में बाघों व अन्य वन्यजीवों की मॉनिटरिंग व टे्रंकिंग को प्रभावी बनाने के साथ- साथ टाइगर रिजर्व व उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने पर है। इसके लिए सरकार की ओर से टाइगर रिजर्व में सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत और बेहतर बनाने पर है। गौरतलब है कि रणथम्भौर मेें 60 करोड़ के ई सर्विलांस सिस्टम के माध्यम से टाइगर मॉनिटरिंग की जा रही है लेकिन इसके बाद भी रणथम्भौर की फलौदी व तालडा रेंज में अब तक कैमरा टावर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन रेंज में पूर्व में भी कई बार शिकार व अन्य अवैध गतिविधियों के मामले सामने आ चुके है। ऐसे में अब बजट मिलने के साथ ही शेष बची रेंज में भी कैमरा टावर लगाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

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ये कार्य होंगे
रणथम्भौर में 17.50 करोड से टाइगर रिजर्व में टे्रकिंग ट्रैक बनाने, होमगार्ड को मानदेय देने, वॉलटिंयर का मानदेय देने, पौधारोपण का कार्य आदि कई कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही इसी फंड में करौली में भी विकास कार्य कराए जाएंगे।

वन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
गौरतलबहै कि बुधवार को वन मंत्री हेमाराम चौधरी की अध्यक्षता मेें फाउण्डेशन की बैठक हुई थी। इस बैठक में वन विभाग के एसीएस शिखर अग्रवाल, हॉफ डॉ. डीएन पाण्डेय, पीसीसीएफ अरिंदम तोमर, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के सीसीएफ सेडूराम यादव, सरिस्का के सीसीएफ आरएन मीणा व मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के सीसीएफ एसपी सिंह आदि अधिकारी बैठक में मौजूद थे। इसके अलावा तीनों जिलों के जिला कलक्टर भी बैठक से वर्चुअली जुड़े थे। इस बैठक में बाघ संरक्षण की दिशा में चर्चा की गई थी। वहीं फाउंडेशन के माध्यम से अलग- अलग टाइगर रिजर्व को फंड खर्च करने की अनुमति दी गई थी।

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किसको कितना फंड
रणथम्भौर 17.50 करोड़
सरिस्का 1.50 करोड़
मुकुंदरा 60 लाख

वन मंत्री व एसीएस की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई थी। इसमें रणथम्भौर के लिए फाउण्डेशन के माध्यम से 17.50 करोड़ का बजट अप्रूव्ड किया गया है। इस फंड से टाइगर रिजर्व में विकास कार्य कराए जाएंगे।
सेडूराम यादव, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।

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