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सवाई माधोपुर

मेडिकल कॉलेज का निर्माण अभी 40 फीसदी, कैसे चलेगी कक्षाएं

- अब दिसम्बर तक पूरा होने की उम्मीद

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सवाईमाधोपुर. इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में प्रवेश व कक्षाएं सचांलित होने का सपना देख रहे जिले के सैकड़ो छात्र-छात्राओं को फिर से निराशा झेलनी पड़ेगी। कहने को तो 20 जनवरी तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होना था लेकिन वर्तमान में मेडिकल कॉलेज का केवल 40 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है, जबकि 60 प्रतिशत काम अभी शेष है। ऐसे में इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे सैकड़ो विद्यार्थियों को मायूस होना पड़ेगा।
जिला मुख्यालय पर ठींगला में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रगति धीमी गति से रेंग रही है। शुरूआती दौर में देरी होने के बाद बीते चार साल दो महीने में केवल 140 फीसदी ही निर्माण कार्य हो सका है, जबकि मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को जनवरी 2024 तक पूरा करना था। गौरतलब है कि सरकार ने अक्टूबर 2019 में सवाईमाधोपुर समेत सात जिलो में की थी मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी।
घोषणा के ढाई साल बाद हुआ काम शुरू
सरकार की ओर से अक्टूबर 2019 में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की गई थी लेकिन शुरूआती दिनों में आलनपुर में भूमि विवाद, फिर आलनपुर से जगह को बदलकर ठींगला में स्थानान्तरित किया गया लेकिन यहां भी सरकार व चिकित्सा महकमे की अनदेखी से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अधरझूल में ही अटका रहा। पूर्व में मेडिकल कॉलेज के लिए नोएडा की एक कंपनी को टेण्डर दिया गया था मगर लगातार देरी होने से सरकार ने फर्म को बदल दिया। इसके बाद दूसरी कंपनी को इसका टेण्डर दिया गया।
20 जनवरी तक निर्धारित है कार्य पूरा करने की तिथि
मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य पूरा होने की तिथि 20 जनवरी तक निर्धारित की है, मगर साल-दर-साल हो रही देरी से यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में चिकित्सा विभाग की ओर से करीब एक साल का समय और लगने का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा करने का दावा भी अधूरा रह गया है। ऐसे में इस बार भी मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं संचालित नहीं हो सकेगी।
दो चरणों में चल रहा काम
ठींगला में मेडिकल कॉलेज का काम दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में ठींगला में 83 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि दूसरे चरण में मेडिकल हॉस्पीटल का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से कुल 340 करोड़ रुपए का खर्च किए जाएंगे। इसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
चार नए ऑपरेशन थियेटर का होगा निर्माण
मेडिकल कॉलेज के आरम्भ होने से संबंद्ध नवीन अस्पताल सवाई माधोपुर में 250 शय्याओं में वृद्धि होगी। साथ ही चार नवीन ऑपरेशन थियेटरों का भी निर्माण होगा। वर्तमान में जिला अस्पतालों में लगभग 4-5 विशिष्ट सुविधाएं ही उपलब्ध कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चरणबद्ध तरीके से 14-15 अतिरिक्त विशिष्टताओं में वृद्धि होगी। इससे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं एवं रिसर्च की सुविधा मिलेगी। प्रति चिकित्सालय 30 बेड की इमरजेन्सी सुविधा शुरू होगी। इससे त्रिस्तरीय केयर की इमरजेन्सी सुविधा में विस्तार होगा। प्रति मेडिकल कॉलेज में एक स्किल लेब शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिगं दी जा सकेगी।
गंगापुर के दो हजार विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
जिले में गंगापुरसिटी को शिक्षा का हब माना जाता है। यहां पर करौली, दौसा, धौलपुर, भरतपुर जिले से भी बच्चे कोचिंग व पढ़ाई के लिए आते है। ऐसे में गंगापुरसिटी क्षेत्र के दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को मेडिकल कॉलेज चालू होने से राहत मिल सकेगी। यहां के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए जयपुर, कोटा, दिल्ली तक जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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इनका कहना है
अब तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य 40 फीसदी हो पाया है। शेष 60 प्रतिशत कार्य को पूरा करने में दिसम्बर तक का समय और लगेगा। ठेकेदार को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए है।
अस्वनी सक्सेना, पीएमओ, सवाईमाधोपुर