सवाईमाधोपुर.रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की आरओपीटी रेंज के पास स्थित खवा खांडोज गांव में बाघ के हमलें से बाबूलाल गुर्जर की मौत के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां पूरी रात ग्रामीणों ने शव सडक़ पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। जिन्हें प्रशासन, वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पूरी करने पर अड़े रहे।सोमवार शाम रणथम्भौर की आरोपीटी रेंज के समीप स्थित खवा खांडोज गांव निवासी बाबूलाल गुर्जर वन क्षेत्र से लापता हो गया। ग्रामीणों के अनुसार बाबूलाल रोज की तरह सोमवार को भी शाम करीब 5रू15 बजे वन क्षेत्र में बकरियां चराने गया था, लेकिन रात साढे सात बजे तक भी वापस नहीं लौटा। ऐसे में ग्रामीण और परिवार को उसकी चिंता हुई तो ग्रामीण और परिजनों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी व्यक्ति की तलाश में जुट गए हैंए लेकिन अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन नहीं चल सका। जिसके बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बाबूलाल के शव को खोज लिया।
ग्रामीणों को आमाघाटी क्षेत्र में बाघ खा रहा था शव
जानकारी के अनुसार पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वीराज मीणा के नेतृत्व में हिम्मत दिखाकर ग्रामीण जंगल में पहुंचे। जहां उन्हें आमाघाटी वनक्षेत्र में बाघ शव को खाता हुआ मिला। इस दौरान बाघ शव का हाथ खा चुका था। जिसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर बाघ को भगाया और शव को लेकर गांव पहुंचे।
ग्रामीण ने सडक़ पर लगाया जाम
सोमवार देर रात ग्रामीणों ने खवा खांडोज गांव सडक़ पर रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। ग्रामीणों ने इस दौरान सडक़ पर जाम भी लगा। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की।
ग्रामीणों की ये हैं मांग
अधिकारियों के समझाने के दौरान ग्रामीण पहले मांगे पूरी करने पर अड़ गए। ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिवार को पचास लाख रुपए और सरकारी नौकरी मांग कर रहे हैं। मांगों पर सहमति नहीं बन पाने की वजह से यहां रातभर से शव सडक़ पर रखा रहा। हालांकि सुबह मौके पर राज्यसभा संांसद भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचें और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही वनविभाग व जिला प्रशासन से मृतक केपरिजनों की मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान दीपक मीणा, पूर्व भाजपा ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष अशोक राज मीणा, दिनेश मीणा आदि मौजूद थे।
इनका कहना है…
बाघ के हमले में एक युवककी मौत हुई है। परिजनों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। समझाइश के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दियाहै। विभागकी ओर से परिजनों कोपांच लाख की मुआवजा राशि दी गई है।
– पी काथिरवेल, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।