
दवाओं को टोटा भोग रहा औषधालय
गंगापुरसिटी . उपचार के लिए सदियों से लोगों का आयुर्वेद पर गहरा विश्वास है, लेकिन सरकार की ओर से आयुर्वेद की उपेक्षा की जा रही है। इसी का नतीजा है कि उपखंड मुख्यालय के आयुर्वेद औषधालय में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। सामान्य रोगों में काम आने वाली कई दवाएं औषधालय में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आयुर्वेद औषधालय में उपचार के लिए आने वाले रोगियों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते आयुर्वेद पर भरोसा करने वाले रोगियों पर आर्थिक भार पड़ रहा है।
यह दवा नहीं उपलब्ध
जानकारी के अनुसार आयुर्वेद औषधालय में वर्तमान में कई दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इनमें भूख बढ़ाने वाला लवण भास्कर चूर्ण, अम्लपित्त में लाभप्रद अविपत्तिकर चूर्ण, गैस नाशक हिंगास्टक चूर्ण, दस्त रोकने वाला विल्व चूर्ण, ईसबगोल भुसी व खांसी में उपयोगी शितोप्लादी चूर्ण नहीं है। इसी प्रकार खांसी-जुकाम में उपयोगी लक्ष्मीविलास रस, बुखार में काम आने वाली गोदन्ती, मरहम पट्टी में उपयोगी ज्यात्यादी तेल, जोड़ दर्द में काम आने वाला योगराज गुग्गुल तथा बच्चों के लिए बेहद उपयोगी जन्मघुट्टी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा अन्य दवाओं की भी कमी बनी हुई है।
हजारों की मिली दवा
आयुर्वेद औषधालय में रसायनशाला भरतपुर से दवा की आपूर्ति की जाती है। सूत्रों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 17 हजार रुपए की दवाएं ही औषधालय को मिली हैं। क्षेत्र की आबादी और औषधालय के उपचार के लिए आने वाले रोगियों की संख्या के सामने यह आपूर्ति काफी कम है। ऐसे में चिकित्सक दवा तो लिख रहे हैं, लेकिन रोगियों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
रोज 100 से 150 रोगी
आयुर्वेद पद्धति से उपचार कराने वाले रोगियों की संख्या कम नहीं है। औषधालय में रोज 100से 150 रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें नए और पुराने रोगी शामिल हैं। वर्ष भर में रोगियों की संख्या हजारों में होती है। इनमें प्रमुख रूप से बुखार, खांसी, जुकाम, कमजोरी, जोड़ों का दर्द, पेट व वात व्याधि से ग्रसित रोगी अधिक होते हैं।
जरावस्था केन्द्र की दरकार
आयुर्वेद विभाग की ओर से यहां जरावस्था निवारण केन्द्र भी संचालित नहीं है। विभाग की ओर से यह केन्द्र मात्र शिवाड़ में संचालित है। केन्द्र पर ६० वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा होती है। इसके लिए अलग से बजट स्वीकृत किया जाता है। केन्द्र के वरिष्ठ नागरिकों को इसका लाभ मिल सकता है।
एक नजर में ओपीडी
दिनांक रोगी
8 अगस्त 176
7 अगस्त 146
6 अगस्त 118
5 अगस्त 101
मांग भेज रहे हैं
रोगानुसार दवा के लिए मांग पत्र मांगा गया है। स्थानीय औषधालय सहित ब्लॉक के औषधालयों की मांग के अनुसार उप निदेशक सवाई माधोपुर को मांग पत्र भेजा जा रहा है।
- ओमप्रकाश गुप्ता, प्रभारी, आयुर्वेद औषधालय, गंगापुरसिटी।
Published on:
10 Aug 2019 11:35 am
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