सवाईमाधोपुर. सीमेंट फैक्ट्री की जमीन को बेचने व मजदूरों को भुगतान नहीं करने के मामले को लेकर मंगलवार देर शाम राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा सीमेंट फैक्ट्री पहुंचे। इस दौरान फैक्ट्री मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना मजदूरों के सीमेंट फैक्ट्री की जमीन को एक इंच भी बेचने नहीं दिया जाएगा। जो जमीन फैक्ट्री प्रबंधक ने बेच दी है, उसको लेकर 19 अक्टूबर को आंदोलन किया जाएगा। पचीपल्या गांव स्थित इस जमीन पर सभी फैक्ट्री के लोगों के साथ जब तक रजिस्ट्री निरस्त नहीं की जाएगी, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में डॉ. किरोड़ी के साथ सर्मकों ने जिला कलक्टर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समस्या दूर करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि सात दिन में कोई निर्णय नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राजेश गोयल, रामहरि चौधरी, शंशाक सारस्वत, डीके मीणा, विनोद चौधरी, दीनदयाल मीणा सहित कई मौजूद थे।
साढ़े तीन दशक से बंद है फैक्ट्री
जिला मुख्यालय पर 35 सालों से सीमेंट फैक्ट्री बंद है। अब तक मजदूरों का करीब 133 करोड़ रुपया मजदूरी का भी बकाया है। मामले में अब राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने 19 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि मजदूरों के घर और बकाया भुगतान पूरा नहीं होने तक मजदूरों के साथ धरने पर बैठे रहेंगे।
कोर्ट के आदेश के बाद भी जमीन को बेचा
सरकार ने मजदूरों को रहने के लिए क्वार्टर भी अलॉट किए थे। उस पर भी एक कंपनी ने स्थगन आदेश ले लिया। कोर्ट के आदेशों के बाद भी फैक्ट्री की बेशकीमती 65 बीघा भूमि को बेच दिया। इस पूरे मामले में सब रजिस्ट्रार समेत यूनियन के लोगों ने घालमेल किया है। मजदूरों के साथ अवैध रूप से बेची गई 65 बीघा भूमि पर टैंट लगाकर धरने पर बैठेंगे।
आपसी खींचतान के चलते हुई थी बंद
सवाईमाधोपुर में साल 1987 में यूनियन और प्रबंधन के बीच खींचतान के चलते सीमेंट फैक्ट्री बंद हो गई थी। इस फैक्ट्री का सीमेन्ट त्रिशूल बॉड के नाम से आता था। जो कि विदेशी में सप्लाई होता था। यह फैक्टी उस समय एशिया की सबसे बड़ी सीमेन्ट फैक्टी थी। फैक्टी के बंद होने के समय डॉ. किरोड़ी मीणा के नेतृत्व में एक बड़ा आन्दोलन किया था।
हक की लड़ाई में विधायक का मिला समर्थन
विधायक दानिश अबरार ने बुधवार को जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला से मुलाकात की। इस दौरान अबरार ने कलक्टर से 2 बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने सीमेंट फैक्ट्री में वर्षों से लंबित चल रहे श्रमिकों के भुगतान के मामले को अवगत करया। उन्होंने बताया कि श्रमिकों का बकाया भुगतान किए बिना फैक्ट्री प्रबंधन ने की ओर से जमीन को बेचना सरासर गलत है। इस मामले में वे राज्य सभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा द्वारा उठाई गई श्रमिकों की मांग को सही मानते हुए श्रमिकों के हक की लड़ाई में सांसद के साथ हैं।