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किसान बोले फसलें तबाह, नकार रहा विभाग

गंगापुरसिटी . मानसून के देरी तक सक्रिय रहने से इस बार खरीफ की फसलों में खासा खराबा हुआ है। तिल एवं बाजरा की फसलों को लगातार बारिश ने खूब नुकसान पहुंचाया है। अतिवृष्टि से फसलों में खराबा होने को लेकर किसान मुआवजे की मांग को लेकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कृषि विभाग बाजरे की फसल में नुकसान नहीं मानकर महज तिल में 10 से 20 प्रतिशत का नुकसान मान रहा है। हालांकि विभाग का सर्वे अभी जारी है।

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किसान बोले फसलें तबाह, नकार रहा विभाग

किसान बोले फसलें तबाह, नकार रहा विभाग

गंगापुरसिटी . मानसून के देरी तक सक्रिय रहने से इस बार खरीफ की फसलों में खासा खराबा हुआ है। तिल एवं बाजरा की फसलों को लगातार बारिश ने खूब नुकसान पहुंचाया है। अतिवृष्टि से फसलों में खराबा होने को लेकर किसान मुआवजे की मांग को लेकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कृषि विभाग बाजरे की फसल में नुकसान नहीं मानकर महज तिल में 10 से 20 प्रतिशत का नुकसान मान रहा है। हालांकि विभाग का सर्वे अभी जारी है।


क्षेत्र में इन दिनों खरीफ में बाजरा और तिल की फसल की कटाई का समय है, जो जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन इस दरिम्यान हो रही बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। आलम यह है कि वजीरपुर क्षेत्र में तिल की फसल को खासा नुकसान हुआ है। वहीं बाजरे की फसल भी बारिश के चलते प्रभावित हुई है।

किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते जहां तिल की फसल खराब हो गई है। वहीं बाजरे का दाना भी सुरक्षित नहीं रहा है। इसको लेकर किसान मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं। उधर कृषि विभाग का कहना है कि फसलों में हुए नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। तिल की फसल में ही अभी तक विभाग नुकसान मान रहा है, जबकि किसान बाजरा की फसल को महफूज बता रहा है। हालांकि विभाग का कहना है कि सर्वे के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


30 से 40 प्रतिशत फसल खराब


वजीरपुर . क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से बाजरा और तिल की 30 से 40 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश व तेज अंधड़ से कटाई की तैयारी कर रहे किसानों के अरमान भी बारिश में धुल गए। ग्रामीणों ने बताया कि बाजरा व तिल की फसल पककर तैयार हो चुकी है।

आलम यह है कि किसान खेतों में कटी फसल को बचाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कई किसान खेतों में पड़ी फसल को इकट्ठा कर त्रिपाल एवं पल्ली आदि से ढंककर बचा रहे हैं।
उपखंड क्षेत्र में ज्यादातर किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी है। कई जगह खेतों में खड़ी फसल लगातार बारिश से खराब हो चुकी है। अब खुले आसमान तले कटकर रखी फसल को बचाने के लिए किससान जुटे हुए हैं। अब किसानों को खेतों में पड़ी फसल को बचाने की चिंता है। किसानों का कहना है कि शेष बची फसल के उत्पादन पर भी बारिश से असर पड़ेगा। आलम यह है कि किसान अब हर रोज 400 से 500 रुपए के मजदूर लगाकर फसलों को जल्दी से जल्दी काटने के प्रयास में हैं।


यह बोले किसान


क्षेत्र में लगातार बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कई जगह तिल एवं बाजरा की फसल बहुत ज्यादा खराब हुई हैं। अब शेष फसल को बचाने की किसानों को चिंता है।
- राजुद्दीन अहमद, किसान वजीरपुर


तिल एवं बाजरा की फसल में बारिश से तीस से चालीस प्रतिशत नुकसान हुआ है। अब किसान खेतों में पड़ी फसल को तिरपाल आदि ढंककर बचाने का प्रयास कर रहे हैं। बदले मौसम से किसान चिंतित हैं।
- भीमा पटेल, किसान मीना बड़ौदा


प्राकृतिक मार से पहले भी फसलों को नुकसान हुआ था। अब फिर से मौसम की मार फसलों पर पड़ी है। लगातार बारिश से बाजरा और तिल की फसल खराब हुई है। किसान महंगे मजदूर लगाकर फसलों को समेटने की जुगत में हैं।
- घासीलाल मीणा, किसान मीना बड़ौदा

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