सवाईमाधोपुर. जिले में नवाचार के तहत जैविक कचरें से सुपर खाद बनाने को लेकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक खन्ना की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिले के सहायक कृषि अधिकारियों व कृषि पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक जला परिषद सभागार में हुई।
उन्होंने जैविक कचरें से सुपर खाद बनने के संबंध में भरवाए गए करीब 200 नाडेपो की स्थिति जानी एवं निर्धारित समयावधि में सुपर खाद तैयार करवाने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि अधिकारियों को इस संबंध में आ रही समस्याओं पर विशेष चर्चा की। बैठक में कई कृषि पर्यवेक्षकों ने नाडेपो में जैविक कचरें से बनी सुपर खाद के नमूने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष प्रदर्शित किए। सीईओ अभिषेक खन्ना ने कृषि अधिकारियों को बताया कि भरवाए गए इन 200 नाडेपो से उत्तम क्वालिटी की खाद करीब 130 से 140 दिनों में दो से ढाई टन तक उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए सभी को समय पर नाडेपो की द्वितीय भराई व जीवाणु कल्चर का उपयोग करना है। किसानों से समझाईश कर नाडेप पर छाया, पानी की छिड़काव, गोबर से लीपना आदि अन्य आवश्यक प्रबन्ध होने चाहिए।
ये है नाडेपो की अब तक की स्थिति
अब तक भरवाए गए करीब 200 नाडेपो में से 112 नाडेपो की भराई को 120 से अधिक दिन का समय हो चुका है। वही करीब 87 नाडेपो को भरे अभी 120 दिन से कम हुए है। करीब 20 नाडेपों से किसानों ने सुपर खाद निकालना आरम्भ भी कर दिया है। आगामी कुछ दिनों में 100 से अधिक नाडेपो से किसानो को उत्तम क्वालिटी की जैविक खाद उपलब्ध हो सकेगी जो किसानो को अच्छी जैविक फसल व सब्जियां उत्पादित करने में सहायक सिद्ध होगी। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामराज मीना ने बताया कि नाडेप से तैयार सुपर खाद का उपयोग किसान इसको किसी भी फसल, बगीचों में कर सकते है। इससे भूमिगत कीट, दीमक व अन्य खरपतवार को लगभग 80 प्रतिशत तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत सहरिया , अधिशाषी अभियंता जिला परिषद प्रकाश चन्द मीना , बलवन्त सिंह एसबीएम जिला परियोजना समन्वयक सहित सभी कृषि पर्यवेक्षक मौजूद थे।
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सवाईमाधोपुर. जिला परिषद सभागार में समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी व कर्मचारी।